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गणपति : एक जीवनशैली

गणेश… बुद्धि के अधिपति। गणेश… रिद्धि-सिद्धि के स्वामी। गणेश… शुभ-लाभ के पिता। गणेश… संतोषी के जनक। भारतीय पौराणिक साहित्य में गणेश अद्वितीय हैं। गणेश जी को लेकर जो प्रतीक विधान गढ़ा गया है वह लक्षणा नहीं, विलक्षण है। पाराशर ऋषि के आश्रम को...

आषाढ़ के दो दिन

एक वर्ष पूर्ण हो गया। आज ही के दिन सुबह दस बजे अपने घर को और घर के दरवाज़े पर खड़ी माँ को जी भरकर निहारने के बाद मैं अस्पताल पहुँच गया था। मेदांता के एक बेड पर मेरा नाम लिख दिया गया था। हाथ पर एक पट्टा बांध दिया गया था, जिसके रहते अस्पताल की अनुमति के बिना सशरीर उस...

इतना-सा प्यार

अपनेपन के बाहुपाश में धड़कन ने ये शब्द सुनाए- “अलग-अलग कर्त्तव्य रहें; पर आपस का अधिकार बहुत है।” बस इतना-सा प्यार बहुत है सबकी अपनी-अपनी गति है, सबका अपना-अपना पथ है सूरज के कुनबे में लेकिन, ना कोई इति है ना अथ है हम-तुम अगर निकट से गुज़रे, इस अनवरत अथक...

नसीब करवट बदल रहा है

कोई हमारे नसीब को इक नयी कहानी सुना रहा है हथेलियों पर कई लकीरें बना रहा है, मिटा रहा है बहुत दिनों से जिस एक खिड़की के पार किरणें न आ सकी थीं अब एक उम्मीद का परिंदा उसी के पल्ले हिला रहा है जिसे बचाने की कोशिशों में हरेक हसरत दबा ली हमने उसी अना को सलाम करके कहीं कोई...

शांति बनाम उन्माद

जो शांति का उपाय खोजने के लिए अन्तिम प्रयास तक जूझता रहे, उसे शांतिदूत कहा जाता है। जब दोनों ही पक्ष ख़ून-ख़राबे के उन्माद में हों तथा किसी तरह शांति का उपाय न सूझ रहा हो, उस समय भी शांति का उपाय खोजना ऐसा ही है, ज्यों सींग भिड़ाए खड़े दो बिजारों को लड़ने से रोकना हो। इस...
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