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असल मुद्दा क्या है

एक अभिनेत्री ने कुछ ऐसे बयान दिये हैं, जो तथ्यात्मक रूप से मिथ्या हो सकते हैं, लेकिन इन बयानों का विरोध करनेवालों की भाषा तथा तर्कशक्ति ने अभिनेत्री के मिथ्या भाषण से ध्यान भंग करने में महती भूमिका अदा की है। ‘कम कपड़े पहनकर फिल्मी पर्दे पर आनेवाली नचनिया हमें बताएगी...

विचारधारा

विचारधारा वह बोझा है, जो योग्य पात्रों पर लादकर कुम्हार हाथ हिलाते हुए ‘इधर-उधर’ विचरते रहते हैं। ✍️ चिराग़...

कोरोना में अवसर

कोरोना की दूसरी लहर बीत चुकी है, लेकिन राजनीति में ख़ुशी की लहर नहीं आई। वे अब भी आपस में लड़ रहे हैं। जब देश में कोरोना का ताण्डव चल रहा था तो पॉलिटिकल पार्टियों में इस बात पर लड़ाई थी कि ये जनता तुम्हारी है, इसे तुम बचाओ। अब जब ताण्डव शान्त हुआ है तो हर पार्टी यह...

सत्यमेव जयते

सत्य के आधार पर खड़े चार-चार शेर भी झूठ बोलनेवालों को कुछ नहीं कहते। देश की हर सरकारी मुहर पर एक झूठ लिखा है – ‘सत्यमेव जयते’। ✍️ चिराग़...

मदद की होड़

रेगिस्तान की दोपहर में पानी को तरस रहा एक प्यासा तपती हुई रेत में पड़ा था; ऊपर से सूरज का भी रुख कड़ा था। उसको पानी देने के लिए केंद्र सरकार ने बिल पास किया; राज्य सरकार ने भी उसका स्वतः संज्ञान लिया। लेकिन ज्यों ही राज्य सरकार का कारिंदा मदद लेकर प्यासे की ओर बढ़ा, उसके...
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