+91 8090904560 chiragblog@gmail.com

रक्षाबंधन

‘बंधन भी सुख का कारण हो सकता है’ – इस अद्भुत सत्य का अनोखा उदाहरण है रक्षाबंधन! यद्यपि मैं जानता हूँ कि ईश्वर ने सृष्टि के प्रत्येक प्राणी को आत्मरक्षा हेतु आत्मनिर्भर बनाया है तथापि मुझे इस बात का एहसास है कि नाड़ी पर एक धागा बांधकर मन में अपनत्व की जिस अपेक्षा...

मेहंदी

सावन की हरियाली उतर आई है हथेलियों पर …महकने लगा है भाग्य! ✍️ चिराग़ जैन

होली

बेतरतीबी से लगाया जाये तो गुलाबी रंग से भी आदमी पागल हो जाता है और सलीके से लगाया जाये तो काला रंग भी काजल हो जाता है। ✍️ चिराग़...

वसीयत

वो दौर गये जब लोग वसीयतों में ज़मीन-जायदाद छोड़कर जाते थे, आजकल तो चार सोशल मीडिया अकाउंट्स, कुछ हज़ार फॉलोवर्स और दस-पाँच ब्लॉक्ड प्रोफाइल्स से ज़्यादा किसी के पास कुछ नहीं है छोड़ने को… सफेद बाल और अरथी देखकर वैराग्य घटित होनेवाली कहानियां सुनकर बड़े हुए थे, पर अब...

पायल की रुनझुन

हर एक मुहूरत का जग में सत्कार मुझी से सम्भव है बाक़ी सब कुछ सम्भव है पर परिवार मुझी से सम्भव है बर्तन की खनखन चौके में पायल की रुनझुन आंगन में मेरे होंठो पर सजती है गीतों की गुनगुन सावन में जीवन के सोलह सपनों का सिंगार मुझी से सम्भव है बाक़ी सब कुछ सम्भव है पर परिवार...
error: Content is protected !!