+91 8090904560 chiragblog@gmail.com

राजू श्रीवास्तव की अंत्येष्टि

आर्टिस्ट ग्रीन रूम में तैयार था मगर इस ज़िन्दगी ने मंच का परदा गिरा दिया जिजीविषा की लम्बी लड़ाई लड़ने के बाद ठहाके का हिचकी में तब्दील होना यकायक पलकें नम कर गया। ऐसा लगा ज्यों किसी ने अचानक हमारे बिल्कुल आसपास की रौनक को वीराने में बदल दिया हो। मृत्यु को बहुत नज़दीक से...

शेर का मुँह

पहले शेर ने दूसरे से कहा यार इतना समृद्ध तो यह देश कभी नहीं रहा हो न हो, अपने भारतीय विकास की सबसे ऊँची सीढ़ी चढ़ रहे हैं ज़रूरत के लिए नहीं मूरत के लिए लड़ रहे हैं। दूसरे का उत्तर सुनने से पहले तीसरा शेर बीच में ही बोल पड़ा जितना ये लड़ रहे हैं उतना तो अपना अशोक भी...

भाजपा ने प्रवक्ताओं को फटकार लगाई

धुन: डोली में बिठाइके कहार… अभी तो लगाई फटकार जल्दी ही लेना पुचकार जड़ दिया मुँह पर प्रवक्ता के ताला नूपुर हुए हैं ख़ामोश जो हमसे अब अपना दामन बचाय रहे उनने ही भरा था ये जोश लुट गया अचानक लुट गया न जाने कैसे लुट गया साहिब का प्यार अभी तो लगाई फटकार जो भी विरोधी...

शुभचिंतक

एक राजा के दो बेटे थे। एक नाटे कद का था और दूसरा लंबे कद का। बचपन से ही दोनों में तनाव रहता था। जब वे बड़े हुए तो राजा ने राज्य का बंटवारा कर दिया और पूरे देश के अधिकतम नाटे नागरिक नाटे बेटे के देश में चले गए। मूल राज्य में लंबे नागरिक रह गए। लेकिन कुछ नाटे लोग अपना...

चुनाव के बाद

जीत और हार के शोर-शराबे के बाद यकायक राजनैतिक गलियारों में सन्नाटा पसर गया है। जीतनेवाले इतने स्पष्ट बहुमत से जीते हैं कि मीडिया के पोस्ट इलेक्शन अलायंस और हॉर्स ट्रेडिंग जैसे कैप्सूल धरे के धरे रह गये हैं। यही स्पष्ट बहुमत वर्तमान लोकतंत्र की दरकार है।...
error: Content is protected !!