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मनमोहन सिंह के बयान पर सियासत

जिनको मौनी बाबा कह के चिढ़ाया उन्हीं का बयान ले उड़े पहले तुमको निहत्था बताया फिर हाथ से कमान ले उड़े कहने भर को पीएम थे पर बोल न पाए मनमोहन हाथ हिलाना दूर, होंठ तक खोल न पाए मनमोहन अपने ही घर में प्रतिभा का मोल न पाए मनमोहन अपना ऑर्डिनेंस फटने पर डोल न पाए मनमोहन...

भाजपा और चुनाव

केलकूलेटर ने भी पकड़े हैं कान ये जादू मन्तर कैसे सीखा कहीं मिलते नहीं हाथों के निशान ये जादू मन्तर कैसे सीखा नगालैंड में ख़ुद प्रत्याशी वोट न करने आता त्रिपुरा में वोटिंग पर्सेंटेज सौ से ऊपर जाता सौ पर्सेंट से भी ज़्यादा मतदान ये जादू मन्तर कैसे सीखा प्रत्याशी के...

विजय का मंत्र

जो समर्पित हो गया मजबूर होकर वह तुम्हारा हित करेगा; भूल जाओ जो न अपने मन मुताबिक जी रहा हो वह तुम्हारे हित मरेगा; भूल जाओ कर्ण इक एहसान के वश में विवश थे द्रोण इक प्रतिशोध के कारण खड़े थे शल्य इक षड्यंत्र से आहत हुए थे भीष्म इक प्रण की विवशता में लड़े थे मन बचा पाया...

गीत की चेतावनी

आज फिर एकांत की उंगली पकड़कर सोच को अपनत्व की बाँहों में भरकर कोई बोला प्राण का संगीत हूँ मैं ठीक से पहचानिए ना, गीत हूँ मैं अक्षरों के वस्त्र ओढ़े हैं बदन पर भंगिमा में भाव का विस्तार देखो शब्द के आभूषणों से हूँ अलंकृत नयन में रस की अलौकिक धार देखो मैं सुदामा की...

ऊब का गीत

आस मंज़िल की किसी को भी नहीं है आदमी को खींचती है राह उसकी प्यार का मतलब नहीं है प्यार केवल प्यार का आधार है परवाह उसकी मेघ से ऊबे तो इक सूरज बुलाया सूर्य दहका, देह ने बरसात कर दी रात से उकता गए तो दिन उगाया थक गए दिन से तो फिर से रात कर दी जो हमारे पास है उससे दु:खी...

सच बोलना पाप है

क्या कहा, तुम सच कहोगे और ज़िंदा भी रहोगे झूठ का चाबुक तुम्हारी खाल खींचेगा समझ लो और फिर सारा ज़माना आँख मीचेगा समझ लो ख़ुद नदी ने इस तरह के दाँव सारे रख दिए हैं नाव जैसे दिख रहे पत्थर किनारे रख दिए हैं पेड़, जिसकी छाँह के दम पर भिड़े हो धूप से तुम धूप ने उस पेड़ की...
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