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विनाशकाले

जिनकी जाँच नहीं हो पा रही उनको ख़ामोश कर देना। जिनको इलाज नहीं मिल पा रहा उनकी ज़ुबान सी देना। जो अस्पतालों के बाहर दम तोड़ रहे हैं उन पर पर्दा डाल लेना। जो श्मशान में अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे हैं उनसे नज़रें फेर लेना। …लेकिन एक क़िस्सा अपने आलीशान बैडरूम में...

लोकतंत्रात्मक गणराज्य

उनकी अदालतें आपकी ज़िन्दगी घिस देंगी फिर भी वे सामाजिक न्याय पर इतराएँगे उनके थाने आपको नोच डालेंगे फिर भी वे आंतरिक सुरक्षा पर फ़ख़्र करेंगे देश के कुछ हिस्सों में संविधान लागू नहीं होगा फिर भी वे प्रभुसत्ता सम्पन्न होने का दम्भ भरेंगे वे अतिक्रमण करने वालों के हाथ...

होली

बेतरतीबी से लगाया जाये तो गुलाबी रंग से भी आदमी पागल हो जाता है और सलीके से लगाया जाये तो काला रंग भी काजल हो जाता है। ✍️ चिराग़...

उजियारे के अवशेष

गाँव का पुराना मकान कच्चा-पक्का फ़र्श दीमक लगी जर्जर चौखट और देहरी के दोनों ओर चिकनाई के दो गोल निशान!मुद्दत हुई हर साल दीपावली पर दीपक जलाते थे दो हाथ। फिर अपने पल्लू की ओट में छिपाकर हवा के झोंके से बचाते हुए दीवार की आड़ में हौले से देहरी पर दो दीपक धर आते थे दो हाथ।...

बुरा मानने वाले लोग

हर आदमी के जीवन में तीन तरह के लोग होते हैं एक जानने वाले एक पहचानने वाले एक बुरा मानने वाले जानने वाले लोग जीवन को बहाव देते हैं पहचानने वाले गाहे-बगाहे भाव देते हैं और बुरा मानने वाले हमेशा तनाव देते हैं। जानने वाले लोग ज़िन्दगी की डोर होते हैं पहचानने वाले बेमतलब का...

आहट

वो तुमसे मेरी पहली मुलाक़ात थी और सिर्फ़ तुम जानती थीं कि आख़िरी भी…! स्टेशन पर खड़े चिड़चिड़ा रहे थे सभी लोग कि ट्रेन लेट क्यों हो रही है और हर आहट के साथ सहम जाता था मैं -’हाय राम! कहीं गाड़ी तो नहीं आ रही!’ ✍️ चिराग़...
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