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इमारत और झोंपड़ी

झोंपड़ी को यह नहीं भूलना चाहिए कि बड़ी इमारत का मलबा भी झोंपड़ी से ऊँचा होता है। और मलबे को भी यह नहीं भूलना चाहिए कि मलबा कितना भी ऊँचा हो जाए, उसे इमारत नहीं कहा जा सकता। इमारत ध्यान रखे कि चाटनेवाले दीमक कहलाते हैं और मरम्मत की आवाज़ें शोर होती हैं, संगीत नहीं!...

गिरगिट का कष्ट

नेता से अपनी तुलना का रिवाज गिरगिट को बहुत खलता है गिरगिट केवल संकट देखकर रंग बदलता है नेता तो अवसर देखकर रंग बदलता है। ✍️ चिराग़...

शऊर

शऊर हो तो नश्तर से भी गुदगुदी की जा सकती है ✍️ चिराग़ जैन

पतंग

धागे से बंधी पतंग उड़ा के जाती है आपके भीतर के सारे तनाव को दूर… बहुत दूर और आप तैरने लगते हो आनन्द के आकाश में पतंग बनकर! ✍️ चिराग़...

शोर

चीखने से शोर बढ़ता है सम्बन्ध नहीं। सुकून की खटिया बुनी जाती है सहजता की बाण से; इसमें प्रयास की गाँठें हों तो मुक्त नहीं हो सकती नींद चुभन से! जताना और बताना व्यापार में होना चाहिए व्यवहार में नहीं। और प्यार में… …वहाँ तो आँखें मिलते ही फिफ्थ गीयर लग जाता...

मेहंदी

सावन की हरियाली उतर आई है हथेलियों पर …महकने लगा है भाग्य! ✍️ चिराग़ जैन
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