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धैर्य

हे अर्जुन, सूर्यास्त को देखकर न धैर्य छोड़ो, न धनुष; हो सकता है सूर्य गया हो जयद्रथ को बुलाने! ✍️ चिराग़...

काँच

मैंने काँच से सीखा है कि दुनिया को सच दिखाने के लिए छोड़ना ही पड़ता है पारदर्शी स्वभाव ✍️ चिराग़...

आधुनिकता और संस्कार

छोटी बहू के घूंघट न काढ़ने की आदत सासू को अखरती है और बड़ी बहू लम्बे से घूंघट में मोबाइल छिपाकर आराम से वीडियो काॅल करती है ✍️ चिराग़...

बजट 2024

मैंने सरकार से पूछा जब एक लाख सालाना आय वाले पैसे मांगने आए तो आप क्या कर लेंगे सरकार बोली करना क्या है हम उन्हें जॉब देने वालों को न्यूनतम वेतन कानून उल्लंघन का चार्ज लगाकर धर लेंगे हमने पूछा ये इंटर्नशिप की योजना में तो काफी लोचा है क्या आपने सोचा है लोग नकली...

ऊँचाइयाँ

केवल दूरियाँ तय करते हैं समतल रास्ते ऊँचाइयाँ हासिल करने के लिए चलना ही नहीं चढ़ना भी पड़ता है। ✍️ चिराग़...

नए घर में

नए फ्लैट की दीवारों पर धीरे-धीरे उभर रहा है हमारा घर माॅड्यूलर किचन के खोपचों से आँख बचाकर एक कोने में पालथी मारकर बैठ गया है सरसों के तेल का पीपा सभी नए कंटेनरों के बीच चुपके से जा छुपी है युगों पुरानी हींग की डिब्बी! बरसों से इकट्ठे हुए शो-पीस चहक कर जा बैठे हैं...
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