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सितारों की तरह

हो गई है ज़िन्दगी अपनी सितारों की तरह देखते हैं लोग भी अब तो नज़ारों की तरह जो चले थे काम करने कामगारों की तरह वो उनींदे से खड़े हैं अब कतारों की तरह सब शिकारी की तरह घर से निकलते हैं मगर सब फँसे मिलते शिकंजे में शिकारों की तरह आपके हालात की बेइंतहा मज़बूरियाँ और मेरे...

अहसास

तुम छोड़ जाओगे- ये अहसास खल रहा है सीने में दर्द का इक लावा पिघल रहा है कुछ इस तरह से हर इक लम्हा निकल रहा है हाथों से जैसे कोई रेशम फिसल रहा है ✍️ चिराग़...

ज़रूरत

मेरी बेबस मुहब्बत को सहारों की ज़रूरत है दीवाने को महज तेरे इशारों की ज़रूरत है मेरा दिल क़ैद करने को तेरी ज़ुल्फ़ें ही काफी हैं न तीरों की ज़रूरत है न तारों की ज़रूरत है ✍️ चिराग़...

किसी के बिन…

भीतर-भीतर मन गलता है बाहर नैन बरसते हैं बीते पल आँखों के आगे हर पल हलचल करते हैं टूटन, आह, चुभन, सिसकन में जीवन घुलता जाता है लोग किसी के बिन जी लेना कितना सहज समझते हैं ✍️ चिराग़...

मुश्क़िल है

मैं अपने दिल के अरमानों को बहला लूँ तो मुश्क़िल है अगर ख़ुद को किसी सूरत मैं समझा लूँ तो मुश्क़िल है इधर दिल की तमन्ना है, उधर उनकी हिदायत है नज़र फेरूँ तो मुश्क़िल है, नज़र डालूँ तो मुश्क़िल है ✍️ चिराग़...
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