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तू भी सब-सा निकला

जो जितना भी सच्चा निकला वो उतना ही तनहा निकला सुख के छोटे-से क़तरे में ग़म का पूरा दरिया निकला कुछ के वरक़ ज़रा महंगे थे माल सभी का हल्का निकला मैंने तुझको ख़ुद-सा समझा लेकिन तू भी सब-सा निकला कौन यहाँ कह पाया सब कुछ कम ही निकला जितना निकला ✍️ चिराग़...

तनहा रोते हैं

जीवन बीता घातों में प्रतिघातों में दौलत की शतरंजी चाल-बिसातों में दुनियादारी के ही वाद-विवादों में अब तनहा रोते हैं काली रातों में जिस धरती पर सम्बन्धों को उगना था हम उस पर दौलत की फसल लगा आए जिन आँखों में सीधे-सादे सपने थे उनको दौलत का अरमान थमा आए एक अदद इन्सान...

दिल में आह बाक़ी है

जब तलक़ दिल में आह बाक़ी है तब तलक़ वाह-वाह बाक़ी है अब कहाँ कोई ज़ुल्म ढाता है ये पुरानी कराह बाक़ी है ख्वाब सारे फ़ना हुए लेकिन देखिए ख्वाबगाह बाक़ी है मैंने सब कुछ लुटा दिया लेकिन अब भी इक ख़ैरख्वाह बाक़ी है जिस्म को रूह छोड़ती ही नहीं हो न हो कोई चाह बाक़ी है ज़िन्दगानी भटक गई...

शॉर्ट-सर्किट

सर्किट के सीने में हुई गड़बड़ का असर उपकरण पर भी समान रूप से पड़ा लेकिन इन दोनों के बीच बेचारा वायर अकारण ही सड़ा। तार बेचारा सदैव अपना कार्य सुचारू रूप से करता है लेकिन जब भी कुछ प्रॉब्लम होती है तो उसको जलना ही पड़ता है। रिश्तों के कनेक्शन में हुए झगड़ों के शॉर्ट-सर्किट...

मिरी आँखों का मंज़र देख लेना

मिरी आँखों का मंज़र देख लेना फिर इक पल को समन्दर देख लेना सफ़र की मुश्क़िलें रोकेंगी लेकिन पलटकर इक दफ़ा घर देख लेना किसी को बेवफ़ा कहने से पहले ज़रा मेरा मुक़द्दर देख लेना बहुत तेज़ी से बदलेगा ज़माना कभी दो पल ठहरकर देख लेना हमेशा को ज़ुदा होने के पल में घड़ी भर ऑंख भरकर देख...
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