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राम ने खोया बहुत श्रीराम बनने के लिए

त्याग दी हर कामना निष्काम बनने के लिए तीन पहरों तक तपा दिन, शाम बनने के लिए घर, नगर, परिवार, ममता, प्रेम, अपनापन, दुलार राम ने खोया बहुत श्रीराम बनने के लिए ✍️ चिराग़...

रामसेतु

इन नासमझों का होगा नहीं रे कल्याण रामधरा पर मांग रहे हैं रामलला के प्रमाण श्रीराम बसे हैं आंगन में, पावन तुलसी की क्यारी में श्री राम बसे हैं घर-घर में, आपस की दुनियादारी में श्रीराम हमारी आँखों में, श्रीराम हमारे सपनों में श्रीराम हैं सारे संबंधों में, सब रिश्तों...

भाग्यवाद

यहाँ प्रारब्ध का लेखा सिकन्दर तक ने भोगा है पड़ोसी की ख़ताओं को समन्दर तक ने भोगा है बहुत चाहा बचाना राम ने रावण को मरने से मग़र जो लिख गया वो तो कलन्दर तक ने भोगा है ✍️ चिराग़...
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