यदि अब राम की शरण में चला गया; तो मुझे मेरे भीतर का पाप मार डालेगा एकमात्र सधवा बचेगी मेरी पत्नी तो शेष विधवाओं का विलाप मार डालेगा जिनसे सुशोभित थी रावण की राजसभा उन रिक्त आसनों का शाप मार डालेगा मृत्यु जो करेगी वह जग को दिखायी देगा जीवन तो मुझे चुपचाप मार डालेगा जिस...
त्याग दी हर कामना निष्काम बनने के लिए तीन पहरों तक तपा दिन, शाम बनने के लिए घर, नगर, परिवार, ममता, प्रेम, अपनापन, दुलार राम ने खोया बहुत श्रीराम बनने के लिए ✍️ चिराग़...