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सपने कभी नहीं मरते

बचपन में मेरी मजबूरियों ने मुझसे कुछ सपने छीनकर फेंक दिये थे ज़मीन पर कुछ समय तक देखता रहा मैं उन्हें दूर से ही फिर उन पर चढ़ गयीं कई परतें …व्यस्तताओं की …समय की …और बेख्याली की मुझे लगा कि समा गये हैं वे सब सपने क़ब्र में। लेकिन मैं ग़लत था बीते कुछ...

हिरण्यकश्यप होने का नुक़सान

स्वयं को भगवान मानने की महत्वाकांक्षा में हिरण्यकश्यप ने होलिका के वरदान का दुरुपयोग किया। चिता ने चीख-चीख कर कहा कि, ‘मूर्ख हिरण्यकश्यप, जनता पर इतना अत्याचार न कर कि तेरे ही महल के खंभे तेरे विनाश का उद्गम बन जाएँ!’ मदान्ध राजा ने चिता की बात अनसुनी कर दी। फिर एक...

एक ज़रा-सा झोंका

एक ज़रा-सा झोंका आया नैया ने खाये हिचकोले जिन लहरों पर तैर रही थी उन लहरों पर डगमग डोले बस इतने भर से इस पल में हम पूरे मुस्तैद हो गये अगला-पिछला सब बिसराकर वर्तमान में क़ैद हो गये बदले-वदले भूल चुके हैं, सपने-वपने याद न आए जैसे भी हो इन लहरों से नैया पार लगा ली जाए...

होली

बेतरतीबी से लगाया जाये तो गुलाबी रंग से भी आदमी पागल हो जाता है और सलीके से लगाया जाये तो काला रंग भी काजल हो जाता है। ✍️ चिराग़...

पहचान

जो लोग पहचान से काम पाना चाहते हैं, उन्हें काम से पहचान नहीं मिलती। ✍️ चिराग़ जैन
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