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धैर्य

हे अर्जुन,
सूर्यास्त को देखकर
न धैर्य छोड़ो,
न धनुष;
हो सकता है
सूर्य गया हो
जयद्रथ को बुलाने!

✍️ चिराग़ जैन

ऊर्जा का सदुपयोग

जिस समय नल और नील समुद्र की लहरों को बांधकर सेतुनिर्माण कर रहे थे, उस समय रावण “भालू-बन्दरों की भीड़” कहकर रामदल का उपहास कर रहा था। यदि नल-नील ने उस उपहास का उत्तर देने में ऊर्जा निवेश की होती तो राम की सेना कभी सागर पार नहीं कर पाती।

✍️ चिराग़ जैन

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