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भाग्यवाद

यहाँ प्रारब्ध का लेखा सिकन्दर तक ने भोगा है पड़ोसी की ख़ताओं को समन्दर तक ने भोगा है बहुत चाहा बचाना राम ने रावण को मरने से मग़र जो लिख गया वो तो कलन्दर तक ने भोगा है ✍️ चिराग़...

हमने देखे हैं कई साथ निभानेवाले

हमने देखे हैं कई साथ निभानेवाले बरगला लेंगे तुझे भी ये ज़मानेवाले बारिशों में ये नदी कैसा कहर ढाती है ये बताएंगे तुझे इसके मुहानेवाले धूप जिस पल मिरे आंगन में उतर आएगी और जल जाएंगे दीवार उठानेवाले मौत ने ईसा को शोहरत की बुलंदी बख्शी ख़ाक़ में मिल गए सूली पे चढ़ानेवाले...

भगवान महावीर

जो क़ामयाब हो जाए ज़रा, वो बदगुमान हो जाता है जो फूल गया सत्तामद में, मूरख समान हो जाता है जो लक्ष्मी के पीछे भागे, वो अर्थवान हो जाता है लक्ष्मी जिसके पीछे भागे वो वर्द्धमान हो जाता है ✍️ चिराग़...

कुछ तो होगी बात

रावण के व्यक्तित्व में, कुछ तो होगी बात जिसे मारने जन्म लें, तीन लोक के नाथ ✍️ चिराग़ जैन

जिनस्य अनुयायी इति जैनः

महावीर मुसलमान थे। क्योंकि उनके पास मुकम्मल ईमान थे। महावीर सिख थे। क्योंकि वे सितम करने से ख़बरदार करते थे। महावीर हिन्दू थे। क्योंकि वे हिंसा से दूर थे और सब जीवों से प्यार करते थे। महावीर पारसी थे। क्योंकि उनमें संसार के पार देखने की क्षमता थी। महावीर आर्यसमाजी थे।...
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