किताबें और जीवन
किताबें पाठ पढ़ाकर प्रश्न पूछती हैं, जीवन प्रश्न पूछकर पाठ पढ़ाता है।
✍️ चिराग़ जैन
Chirag Jain Writings, Naavik ke teer, Prose, Quotation
किताबें पाठ पढ़ाकर प्रश्न पूछती हैं, जीवन प्रश्न पूछकर पाठ पढ़ाता है।
✍️ चिराग़ जैन
Chirag Jain Writings, Poetry, Purushottam
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Chirag Jain Writings, Naavik ke teer, Prose, Quotation
उम्मीद से भरी आँखों में धूल झोंकी जाए तो उन आँखों से लावा फूटने लगता है। कराह को अनसुना किया जाए तो कराह चीख बन जाती है। और चीख बड़े-बड़े राजवंशों की चूल हिलाने का सामर्थ्य रखती है।
✍️ चिराग़ जैन
Chirag Jain Writings, Poetry, Purushottam
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Chirag Jain Writings, Naavik ke teer, Prose, Quotation
द्रुपद से प्रतिशोध की आकांक्षा रखनेवाले द्रोण जब आश्रम की शुचिता में राजनीति का हस्तक्षेप स्वीकार कर लेते हैं तब केवल कुछ कर्ण और एकलव्य ही अन्याय का दंश झेलते हैं।
किन्तु यदि कोई प्रतिभाशाली कर्ण किसी भी परिस्थिति में अपनी निष्ठा के अश्व किसी दुर्योधन के द्वार पर बांध देते हैं तो पूरा युग कुरुक्षेत्र में आ खड़ा होता है।
पराश्रित प्रतिभा, चंदन की लकड़ी से बना कोयला है।
✍️ चिराग़ जैन