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अहंकार

स्वाभिमान जब दूसरों को नीचा दिखाने का प्रयास करने लगे, तब वह कोरा अभिमान बनकर रह जाता है। ✍️ चिराग़...

दशहरा

भय शत्रु पक्ष का गौण रहे अरि की चर्चा जब मौन रहे विश्वास स्वयं के शस्त्रों पर योद्धा का गहरा होता है तब विजय सुनिश्चित होती है बस तभी दशहरा होता है ✍️ चिराग़...

अथाह

‘अथाह’ होने की आकांक्षा ही जीवन में ‘आह’ के अध्याय का ‘अथ’ बन जाती है। ✍️ चिराग़ जैन

कोशिश

कोशिश करने का अधिकार केवल उसको है, जिसके पास विफलता को स्वीकार करने की क्षमता हो। ✍️ चिराग़ जैन

धैर्य बनाम कायरता

एकाएक देखने पर धैर्य भी कायरता जैसा ही लगता है। धैर्य की साधना वास्तव में शौर्य के उद्वेग को संयमित करने का पराक्रम ही है। क्रोध और आवेग का पर्याप्त कारण मिलने पर भी संयत रह पाना किसी पराक्रम से कम नहीं है। किन्तु यह पराक्रम सविवेक है। यह ओज की कुण्डलिनी जागृत करने की...
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