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उजाला

दीपक ने दिखाया-
“मौन रहकर काम करो
दीर्घायु हो जाएगा
उजियारा।”

पटाखे ने सिखाया-
“धमाका करो
शोर मचाओ!
रौशनी से ज़्यादा ज़रूरी है
रौशनी की गूँज।”

मैं समझ गया
कि मानवता
क्यों रोकना चाहती है युद्ध
क्यों सजाना चाहती है आरती।

✍️ चिराग़ जैन

सदुपयोग

कमाने में इतने व्यस्त न हो जाना कि ख़र्चने के लिए समय ही न बचे। क्योंकि अपनी ज़िन्दगी के मालिक आप ख़र्चते समय होते हैं; कमाते समय तो श्रमिक होते हैं।

✍️ चिराग़ जैन

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