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आतंक

मैं जिससे डरता हूँ उसे डर बना रहता है हमेशा कि कहीं मैं उससे डरना बंद न कर दूँ। ✍️ चिराग़...

मन और गंगा

सोचा था मन को गंगा जैसा पावन करके आएंगे लेकिन लौटे हैं गंगा को मन जैसा मैला करके! ✍️ चिराग़...

उजाला

दीपक ने दिखाया- “मौन रहकर काम करो दीर्घायु हो जाएगा उजियारा।” पटाखे ने सिखाया- “धमाका करो शोर मचाओ! रौशनी से ज़्यादा ज़रूरी है रौशनी की गूँज।” मैं समझ गया कि मानवता क्यों रोकना चाहती है युद्ध क्यों सजाना चाहती है आरती। ✍️ चिराग़...

सदुपयोग

कमाने में इतने व्यस्त न हो जाना कि ख़र्चने के लिए समय ही न बचे। क्योंकि अपनी ज़िन्दगी के मालिक आप ख़र्चते समय होते हैं; कमाते समय तो श्रमिक होते हैं। ✍️ चिराग़...
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