+91 8090904560 chiragblog@gmail.com

मतदान

वोटिंग के दिन उंगली पर जो स्याही का निशान बनता है, वही निशान एक दिन लोकतन्त्र का राजतिलक सिद्ध होगा। ✍️ चिराग़...

पतंग

धागे से बंधी पतंग उड़ा के जाती है आपके भीतर के सारे तनाव को दूर… बहुत दूर और आप तैरने लगते हो आनन्द के आकाश में पतंग बनकर! ✍️ चिराग़...

भाषा के स्तर से झाँकता व्यक्तित्व

भाषा किसी भी व्यक्तित्व का प्रथम विज्ञापन है। आप अपनी बात कहने के लिए जिस शब्दावली का प्रयोग करते हैं, वह आपकी मूल प्रवृत्ति की द्योतक है। राजनैतिक भाषणों की गाली-गलौज, अराजकता, अभद्रता तथा अशिष्टता के सैंकड़ों उदाहरणों से यूट्यूब पटा हुआ है। निरर्थक वक्तव्य, कुतर्क,...

परोपकार

अपने दर्द पर इतना ध्यान न देना कि औरों की कराह सुनाई न दें अपने पसीने की इतनी परवाह न करना कि औरों के आँसू दिखाई न दें ✍️ चिराग़...

चाहत

दिल ऊँचाई पर जाना भी चाहता है और किसी से बतियाना भी चाहता है दीवाना है, ज़िंदा है जिसकी खातिर उसकी खातिर मर जाना भी चाहता है दिल दे बैठा है जिसके भोलेपन को उस पगली को समझाना भी चाहता है मुश्किल है, अंधियारे को रौशन करना जल जाना तो परवाना भी चाहता है सूरज रब बन जाता है...
error: Content is protected !!