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भाषा के स्तर से झाँकता व्यक्तित्व

भाषा किसी भी व्यक्तित्व का प्रथम विज्ञापन है। आप अपनी बात कहने के लिए जिस शब्दावली का प्रयोग करते हैं, वह आपकी मूल प्रवृत्ति की द्योतक है। राजनैतिक भाषणों की गाली-गलौज, अराजकता, अभद्रता तथा अशिष्टता के सैंकड़ों उदाहरणों से यूट्यूब पटा हुआ है। निरर्थक वक्तव्य, कुतर्क,...

आज बुलेटिन तेरा भाई पढ़ेगा!

एक एंकर स्टूडियो में नशा करके ख़बर पढ़ रहा था तो पूरे देश ने उसका मज़ाक़ बनाकर रख दिया। यह सरासर बदतमीज़ी है। ऐसे किसी का मज़ाक़ बनानेवाले समझ लें कि मज़ाक़ बनाने का अधिकार केवल मीडिया के पास है। वह लोकतंत्र, न्यायपालिका, जनभावना, चुनाव प्रक्रिया, राजनीति और यहाँ तक कि किसी...

न्यूज़ एंकरिंग की आत्मा

‘आज तक में पेश हैं अभी तक की ख़बरें’ से शुरू हुआ ‘न्यूज़ एंकरिंग’ का सफ़र लड़खड़ाती हुई ज़ुबान में माथा पकड़कर ख़बर पढ़ते न्यूज़ एंकर तक पहुँच गया है। टीवी पर समाचार पढ़नेवाले समाचार वाचक जब भावना शून्य चेहरे, सपाट स्वर, क्लीन्ड शेव, टाई, कोट जैसे सुनिश्चित गेट-अप में समाचार...

हम तो भाप से भाँप लेते हैं

किसी एक घटना से पूरे व्यक्ति का, किसी एक व्यक्ति से पूरे समुदाय का, किसी एक समुदाय से पूर समाज का और किसी एक समाज से पूरे राष्ट्र का चरित्र आकलन करना हमारा अभ्यास है। इस अभ्यास में हम तर्कहीन हो जाते हैं। प्रत्येक बहस में हम अपनी बुद्धिमत्ता प्रदर्शित करने के उद्देश्य...

संजू

आरोप को अपराध मानकर किसी के प्रति राय क़ायम कर लेने की हमारी सामान्य प्रवृत्ति किसी के जीवन को किस हद्द तक चुनौतियों से बेन्ध सकती है -इसी तथ्य की प्रामाणिक कथा है संजू। मीडिया इसी प्रवृत्ति का लाभ उठाकर जनमानस की मानसिक लतों का पोषण करता हुआ अपना गुजर-बसर कर रहा है।...
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