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आधुनिकता और संस्कार

छोटी बहू के घूंघट न काढ़ने की आदत सासू को अखरती है और बड़ी बहू लम्बे से घूंघट में मोबाइल छिपाकर आराम से वीडियो काॅल करती है ✍️ चिराग़...

दशरथ

ना तो किसी रोग से टूटा ना ही समरांगण में हारा जिस राजा का शौर्य अमर था उसको कोपभवन ने मारा उसकी देह धराशायी थी, जिसका नाम स्वयं दशरथ था तन पर कोई घाव नहीं था, पर अंतर्मन से लथपथ था वाणी से विषबाण चलाकर, जीवन का अमरित ले बैठी जिसने हर रण जीता उसको इक रानी की जिद ले...

नवरात्रि और स्त्री

चैत्र मास की नवरात्रि मनुष्य जाति में प्रचलित सर्वाधिक विशेष उत्सवों में एक हैं। स्त्री मन की नौ अलग-अलग दशाओं की आराधना ही नहीं अपितु साधना तक की परंपरा का विधान है इस पर्व में। और थोड़ा सा ध्यान से देखें तो देवी के इन नौ रूपों में काव्य के नौ रस भी सहज ही दिखाई दे...

पापा का जादू

न कोई ट्रिक है ना तकनीक पापा जादू से ही सब कुछ कर देते हैं ठीक दिन भर दुनिया भर के सब आघातों को सहते हैं रात ढले अपनी दुविधा बस अम्मा से कहते हैं इतने सीधे-सच्चे हैं हर छल से हिल जाते हैं जब अपने बच्चों से मिलते हैं तो खिल जाते हैं झट से ग़ायब हो जाती है चिंताओं की...

विघटन

“अलवर में एक मूक-बधिर बालिका के साथ सामूहिक बलात्कार हुआ।” इस ख़बर में न तो ‘अलवर’ शब्द महत्वपूर्ण है, न ‘मूक-बधिर’। इसमें अगर कुछ महत्वपूर्ण है तो वह है बलात्कार। इसमें किसी शब्द पर शर्मिंदा हुआ जा सकता है तो वह शब्द है बलात्कार।...
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