शऊर
शऊर हो तो नश्तर से भी गुदगुदी की जा सकती है
✍️ चिराग़ जैन
Chirag Jain Writings, Naavik ke teer, Prose, Quotation
शऊर हो तो नश्तर से भी गुदगुदी की जा सकती है
✍️ चिराग़ जैन
Chirag Jain Writings, Naavik ke teer, Prose, Quotation
वोटिंग के दिन उंगली पर जो स्याही का निशान बनता है, वही निशान एक दिन लोकतन्त्र का राजतिलक सिद्ध होगा।
✍️ चिराग़ जैन
Chirag Jain Writings, Naavik ke teer, Prose, Quotation
अपने दर्द पर इतना ध्यान न देना कि औरों की कराह सुनाई न दें
अपने पसीने की इतनी परवाह न करना कि औरों के आँसू दिखाई न दें
✍️ चिराग़ जैन
Chirag Jain Writings, Naavik ke teer, Prose, Quotation
जीवन के तमाम प्रश्नचिन्हों के मध्य भी अपने भीतर के कबीर और तुलसी को बचाए रखनेवाले रचनाकार, वर्तमान के ऐसे विस्मयादिबोधक हैं, जिन्हें युग का सम्बोधनकारक बनने के लिए केवल युग के प्रारम्भ की घोषणा करनी है।
✍️ चिराग़ जैन
Chirag Jain Writings, Naavik ke teer, Prose, Quotation
विचारधारा वह बोझा है, जो योग्य पात्रों पर लादकर कुम्हार हाथ हिलाते हुए ‘इधर-उधर’ विचरते रहते हैं।
✍️ चिराग़ जैन
Chirag Jain Writings, Naavik ke teer, Prose, Quotation
अगर नल और नील सेतु-निर्माण में क्रेडिट-गेम खेलते रहे, तो सीता माता की प्रतीक्षा पथरा जाएगी!
जब सारी सेना थक जाये तब भी तलवार न छोड़नेवाला योद्धा ही याद रखा जाता है!
✍️ चिराग़ जैन
संपर्क करें