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भूमिका

यदि कोई साहित्यकार, जनता की रुचियों के लिए अपने समाज के नैतिक स्वास्थ्य को अनदेखा कर रहा है तो समझ लीजिए कि वह औषधालय का बोर्ड लगाकर हलवाई की दुकान चला रहा है। ✍️ चिराग़...

असंतोष

जिस कुर्सी की एक कील मुझे बहुत चुभती थी; उसी कुर्सी पर किसी और का बैठना मुझे कील से ज़्यादा चुभता है। ✍️ चिराग़...

राजनीति

हर राजनेता चाहता है कि मेरा परिवार तो राजनीति में हो लेकिन मेरे परिवार में राजनीति न हो। ✍️ चिराग़...

विज्ञान

वास्तविकता साकार हो चुकी कल्पना है और कल्पना साकार होने जा रही वास्तविकता है। ✍️ चिराग़ जैन

ऊर्जा का सदुपयोग

जिस समय नल और नील समुद्र की लहरों को बांधकर सेतुनिर्माण कर रहे थे, उस समय रावण “भालू-बन्दरों की भीड़” कहकर रामदल का उपहास कर रहा था। यदि नल-नील ने उस उपहास का उत्तर देने में ऊर्जा निवेश की होती तो राम की सेना कभी सागर पार नहीं कर पाती। ✍️ चिराग़...

छल

आपके पक्ष में खड़ा कोई सिपाही जब शत्रु के साथ छल करता है, तब वह आपके साथ छल करने का अभ्यास कर रहा होता है। ✍️ चिराग़...
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