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इक लड़की

प्यार की बयार में ये दिल झूम नाचता है जब दिल में उतरती है इक लड़की नित नए रंग, नित नई मुस्कान लिए मन में उमंग भरती है इक लड़की जीवन की सूनी बगिया महकती है जब पारिजात बन झरती है इक लड़की दिल ट्रिन-ट्रिन बजता है रोज़-रोज़ जब सांझ ढले फोन करती है इक लड़की ✍️ चिराग़...

बावरा कवि

हँसने के लिए कारणों का मोहताज नहीं, आँसुओं का ख़ूब अनुभवी हो गया हूँ मैं सारी दुनिया को आज अपना-सा लगता हूँ, अपनों के लिए अजनबी हो गया हूँ मैं झूठ-अनाचार-बेईमानी की बदलियों में, सच के रवि की कोई छवि हो गया हूँ मैं बावरेपने में घूमता हूँ दुनिया को भूल, तब लगता है एक कवि...

मधुमास

खण्ड-खण्ड कर रहे देश की अखण्डता को, ऐसे दुष्ट लोगों का विनाश होना चाहिए जातिवादियों के जीवन में हलाहल घुले, साम्प्रदायिकों का सर्वनाश होना चाहिए ज्वालाएँ प्रचण्ड मेरे भारत में फिर जलें, एक-एक कोने में प्रकाश होना चाहिए न हो कोई जाति न धरम कोई शेष रहे, पूरे भारत में...

भीमराव अंबेडकर

गुदड़ी के लाल ने दिखाया था कमाल देखो, सारी दुविधाओं का निदान ले के आया था परेशानी, दुख और ग़रीबी में जो जन्मा था, वही भारती का स्वाभिमान ले के आया था भारत की खोई आन-बान ले के आया; औ लोकतन्त्र वाला यश-गान ले के आया था भारती का एक अलबेला अनमोल पूत, भारत के लिए संविधान ले...

सुभाषचंद बोस

जिनकी धमनियों में डोलता था ज्वालामुखी, मात-भारती के क्रांति-कोष कहाँ खो गए राष्ट्र-स्वाभिमान वाली मदिरा का पान कर होते थे जो लोग मदहोश; कहाँ खो गए जिस सिंह-गर्जना से बाजुएँ फड़कतीं थीं, इन्क़लाब वाले जय-घोष कहाँ खो गए देश को आज़ादी की अमोल सम्पदा थमा के, नेताजी सुभाषचन्द...

दुश्मनों के सर

काली अमावस का अंधेरा होम करने को, दीवाली के दीप सामधेनी बन जाएंगे पीड़ा वाली ज्वालाएँ जहाँ प्रचण्ड होंगी, वहाँ शांति-धार बरसाने प्रेम-घन जाएंगे बलिदान हुए यदि कहीं तेरे लाडले तो अरथी सजाने केसरी-सुमन जाएंगे पर यदि तलवार चली रणबाँकुरों की, शत्रुओं के शीश तेरी ही शरण...
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