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इतना-सा प्यार

अपनेपन के बाहुपाश में धड़कन ने ये शब्द सुनाए- “अलग-अलग कर्त्तव्य रहें; पर आपस का अधिकार बहुत है।” बस इतना-सा प्यार बहुत है सबकी अपनी-अपनी गति है, सबका अपना-अपना पथ है सूरज के कुनबे में लेकिन, ना कोई इति है ना अथ है हम-तुम अगर निकट से गुज़रे, इस अनवरत अथक...

डेमोक्रेसी को बचा लो

डेमोक्रेसी को बचा लो तुमको कुर्सी की कसम इसकी टूटी नाव संभालो तुमको कुर्सी की कसम जो अपने खेमे में है उसकी फाइल दबवा दो जो विरोध करता हो उसकी कचहरी लगवा दो इस आदत पर मिट्टी डालो तुमको कुर्सी की कसम रामदेव के आंदोलन पर लाठीचार्ज कराया अब पसली टूटी तो नैतिकता का पाठ...

ईडी और राहुल गांधी नैशनल हेराल्ड केस

ईडी दफ्तर में पेशी करा दी, घिरे हैं राहुल गांधी सत्ता का है ये खेल भाइयो ऐसे प्रश्नों की झड़ियां लगा दी, घिरे हैं राहुल गांधी है नाक में नकेल भाइयो समन भेज कर पलट दिया है खेल समूचा ईडी ने बिन बल्ले के शॉट लगाया कितना ऊँचा ईडी ने ग्यारह घण्टे तक बैठाकर की है पूजा ईडी...

भाजपा ने प्रवक्ताओं को फटकार लगाई

धुन: डोली में बिठाइके कहार… अभी तो लगाई फटकार जल्दी ही लेना पुचकार जड़ दिया मुँह पर प्रवक्ता के ताला नूपुर हुए हैं ख़ामोश जो हमसे अब अपना दामन बचाय रहे उनने ही भरा था ये जोश लुट गया अचानक लुट गया न जाने कैसे लुट गया साहिब का प्यार अभी तो लगाई फटकार जो भी विरोधी...

भीतर-बाहर

ख़ुश होते तो आँख चमकती मन हँसता तो देह दमकती डर लगता तो दिल की धड़कन ख़ुद चेहरे तक आन धमकती क्या होंठों के खिंच जाने को हम सचमुच मुस्कान कहेंगे क्या आँखों के मुंदने को ही जीवन का अवसान कहेंगे हाथ-पैर हिलते-डुलते हैं, पर मन में उत्साह नहीं है साँसें आती हैं, जाती हैं पर...

बिटिया की विदाई

चल पड़ी ससुराल बिटिया सज-सँवर के मन बिलखकर रह गया इस पल अचानक देहरी की आँख नम होने लगी है मौन रहने लग गयी साँकल अचानक याद आता है अभी कल ही हमारी गोद में इक पाँखुरी सी आई थी तुम बस अभी कल ही कोई साड़ी पहनकर देखकर दर्पण बहुत इतराई थी तुम लांघकर बचपन, हुई थी तुम सयानी याद...
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