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रिक्शावाला

डरी-सहमी पत्नी और तीन बच्चों के साथ किराए के मकान में रहता है रिक्शावाला। बच्चे रोज़ शाम खेलते हैं एक खेल जिसमें सीटी नहीं बजाती है रेल नहीं होती उसमें पकड़म-पकड़ाई की भागदौड़ न किसी से आगे निकलने की होड़ न ऊँच-नीच का भेद-भाव और न ही छुपम्-छुपाई का राज़ ….उसमें होती...

कवि

एक जन्म की साधना या तपस्या कुछ रातों की व्यक्ति को नहीं बनाती है कवि। कविता के रूप में शब्दों को संजाने के लिये करनी पड़ती है तपस्या जन्मों तक तब कहीं जाकर कठिनाई से जन्मता है कवित्व। जानते हो? कवि के सामने रखी दवात में नहीं होती है स्याही ख़ून होता है। वही ख़ून जो जलता...

जिनस्य अनुयायी इति जैनः

महावीर मुसलमान थे। क्योंकि उनके पास मुकम्मल ईमान थे। महावीर सिख थे। क्योंकि वे सितम करने से ख़बरदार करते थे। महावीर हिन्दू थे। क्योंकि वे हिंसा से दूर थे और सब जीवों से प्यार करते थे। महावीर पारसी थे। क्योंकि उनमें संसार के पार देखने की क्षमता थी। महावीर आर्यसमाजी थे।...
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