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आस्था का अपमान

जो आस्था न तोड़ सका उसने मन्दिर तोड़े और जो विचार को न मिटा सका वह किताबें जलाने लगा। लेकिन यह कृत्य वीरता का नहीं, अपितु स्वयं के परास्त होने की घोषणा है। अभिमन्यु की हत्या करके कौरवों ने पाण्डवों को आतंकित नहीं किया था अपितु आश्वस्ति प्रदान की थी कि कौरवों का नैतिक...

वसन्त का मौसम

सर्द हवाओं के प्रकोप से निकलकर, देह जब मंद समीर के स्पर्श से खिल उठती है; तब वसंत घटित होता है। कोहरे की सत्ता में दबी-दुबकी धरती जब रश्मियों के गुनगुने स्पर्श से रोमांचित हो उठती है; तब वसंत घटित होता है। जाड़े का ऊनी बोझा छोड़कर जब बदन, सरसों का तेल मलकर धूप सेंकते...

डॉ विष्णु सक्सेना

बात उस दौर की है, जब हिन्दी कवि सम्मेलनों के समापन काव्य पाठ की डोर पर से गीतकारों की गिरफ्त ढीली पड़ रही थी। राजनैतिक परिप्रेक्ष्य और सामरिक परिदृश्य ने तनाव इतना बढ़ा दिया था कि मंच के एक कोने में बैठने वाला हास्य-कवि जनता को आकृष्ट करने लगा था। कवि सम्मेलन बदलकर...

साहित्य : पैथोलॉजी लैब

साहित्य की समाज में वही भूमिका है, जो मेडिकल प्रोसेस में पैथोलॉजी लैब की होती है। साहित्य, समाज के भीतर व्याप्त व्याधियों को ढूंढकर तंत्र के सम्मुख रखता है और फिर तंत्र अपने अनुभव, ज्ञान तथा मशीनरी के माध्यम से उस व्याधि का उपचार करता है। कभी किसी मेडिकल टेस्ट की...

सम्मेद शिखर

सावधान देश के कर्णधारो! सम्मेद शिखर के मुद्दे पर जैन समाज के साथ जो व्यवहार हो रहा है, वह घर के एक और बेटे को घर से बाहर कर देने का षड्यंत्र है। भारत के लगभग सभी सामाजिक संगठनों में तन-मन-धन से योगदान देनेवाले जैनियों ने कभी स्वयं को सनातनियों से अलग नहीं माना।...

नकारात्मकता भी आवश्यक है

नकारात्मक और सकारात्मक दोनों से मिलकर ही सृष्टि संचालित होती है। हमने नकारात्मकता को ‘ग़लत’ का पर्यायवाची समझकर बड़ी भूल की है। नेगेटिव और पॉजिटिव में से कोई भी एक तार हटा दो तो विद्युत अवरुद्ध हो जाएगी। संचरण यकायक रुक जाएगा। इसीलिए महावीर कर्म शून्यता की अवस्था को...
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