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आज़म ख़ान हाज़िर हैं!

चारों ओर हल्ला मचा हुआ है कि आज़म ख़ान आ रहे हैं। शोर-शराबा सुनकर मुझे लगा कि शायद कोई युद्ध-वुद्ध जीतकर आ रहे होंगे। मैंने हो-हल्ले की दिशा में कान लगाकर सुना तो पता चला कि जेल से आ रहे हैं। मेरा माथा भनभना गया। मैंने अपने एक पत्रकार मित्र को फोन करके पूछा, ”क्यों भाई,...

धैर्य बनाम कायरता

एकाएक देखने पर धैर्य भी कायरता जैसा ही लगता है। धैर्य की साधना वास्तव में शौर्य के उद्वेग को संयमित करने का पराक्रम ही है। क्रोध और आवेग का पर्याप्त कारण मिलने पर भी संयत रह पाना किसी पराक्रम से कम नहीं है। किन्तु यह पराक्रम सविवेक है। यह ओज की कुण्डलिनी जागृत करने की...

किताबें और जीवन

किताबें पाठ पढ़ाकर प्रश्न पूछती हैं, जीवन प्रश्न पूछकर पाठ पढ़ाता है। ✍️ चिराग़ जैन

क्रांति

उम्मीद से भरी आँखों में धूल झोंकी जाए तो उन आँखों से लावा फूटने लगता है। कराह को अनसुना किया जाए तो कराह चीख बन जाती है। और चीख बड़े-बड़े राजवंशों की चूल हिलाने का सामर्थ्य रखती है। ✍️ चिराग़...
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