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रिक्शावाला

डरी-सहमी पत्नी और तीन बच्चों के साथ किराए के मकान में रहता है रिक्शावाला। बच्चे रोज़ शाम खेलते हैं एक खेल जिसमें सीटी नहीं बजाती है रेल नहीं होती उसमें पकड़म-पकड़ाई की भागदौड़ न किसी से आगे निकलने की होड़ न ऊँच-नीच का भेद-भाव और न ही छुपम्-छुपाई का राज़ ….उसमें होती...

क्या हम हिन्दुस्तानी हैं?

क्या आपने हिन्दुस्तान को देखा है ग़रीबी से सिसकती जान और भूख से निकलते प्राण को देखा है? …ज़रूर देखा होगा बरसात में फुटपाथ पर भीगता हुआ हिन्दुस्तान जिसे पास भीगने को सिर है पर छिपने को घर नहीं है। जिसने अपने चीथड़ों के एक-एक रेशे को उधड़ते हुए देखा है। क्या आपने...
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