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टिकट लेते आना

चाहे झूठ बोल के, चाहे भेद खोल के लेते आना, टिकट लेते आना तुम साइकिल पर पर चढ़ जाना इक टोपी लाल लगाना थोड़ा डण्ड पेल के थोड़ा दण्ड़ झेल के लेते आना टिकट लेते आना तुम कमल का फूल खिलाना पूरे भगवा रंग जाना जय श्री राम बोल के जट श्री श्याम बोल के लेते आना टिकट लेते आना तुम बिन...

आयात-निर्यात

जंगल के सभागार में बहुत बड़ा आयोजन हुआ जिसमें सर्वप्रथम भारत माँ के चित्र के सम्मुख दीप-प्रज्वलन और फिर मेंढ़क जी का स्वागत भाषण हुआ। भाषण में अजीव ‘प्वाइंट ऑफ व्यू’ था भाषण का सार कुछ यूँ था- “भैंसा दल के अध्यक्ष श्री कालूूप्रसाद जी! टबासीन मछलियो! रंग-बिरंगी...
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