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सादगी की डगर

सत्य का पथ हमें क्यों जटिल सा लगा उम्र को झूठ में ढाल कर चल दिए सादगी की सुहानी डगर छोड़ कर ज़िन्दगानी फटेहाल कर चल दिए जो रवैया हमें पीर देता रहा क्यों उसी के लिए हम पुरस्कृत हुए ज़िन्दगी पर चढ़े पाप के आवरण पाठ जितने पढ़े सब तिरस्कृत हुए प्रश्न तो आत्मा ने उठाए मगर हम...

आपदा-प्रबंधन

संकट हो कोई समक्ष खड़ा या फिर घिर आए युद्ध बड़ा जीवन की हर कठिनाई से मानव का पुत्र सदैव लड़ा मानवता का इक दिव्य भाव, अंतस् में धारण कर लेंगे आपदा अगर कोई आई, मिल-जुल के निवारण कर लेंगे सागर ने लांघी मर्यादा सूनामी यम का रूप बनी भूकम्पों की मनमानी से जब धरा मृत्यु का कूप...

दूसरा प्यार

फिर से मन में अंकुर फूटे, फिर से आँखों में ख़्वाब पले फिर से कुछ अंतस् में पिघला, फिर से श्वासों से स्वर निकले फिर से मैंने सबसे छुपकर, इक मन्नत मांगी ईश्वर से फिर से इक सादा-सा चेहरा, कुछ ख़ास लगा दुनिया भर से फिर इक लड़की की रुचियों से, जीवन के सब प्रतिमान बने फिर इक...

वो कश्मीर हमारा है

हिमगिरि की गोदी में पसरा जो इक हरा बगीचा है जिसकी झीलों को पुरखों ने स्वेदकणों से सींचा है जिसके कण-कण में भारत की सौंधी ख़ुश्बू बिखरी है जिसके प्रांगण में हरियाली दिव्य रूप में बिखरी है जहाँ धरा पर स्वर्ग सरीख़ा अद्भुत भव्य नज़ारा है दुनिया माने या ना माने वो कश्मीर...

रामसेतु

इन नासमझों का होगा नहीं रे कल्याण रामधरा पर मांग रहे हैं रामलला के प्रमाण श्रीराम बसे हैं आंगन में, पावन तुलसी की क्यारी में श्री राम बसे हैं घर-घर में, आपस की दुनियादारी में श्रीराम हमारी आँखों में, श्रीराम हमारे सपनों में श्रीराम हैं सारे संबंधों में, सब रिश्तों...

प्रेम से भीगा हृदय

लाख अवगुंठन छिपाएँ प्रीत का मुखड़ा कुछ झलक तो आएगी ही आवरण के पार जब हृदय में नेह के बिरवे नए पल्लव संजोएँ और आकर्षण खिले मन में सुवासित गंध लेकर तब नयन की कोर पर आकर ठहरता है निवेदन श्वास जाती है प्रिये के द्वार तक संबंध लेकर भावनाओं का अनूठा-अनलिखा यह गीत है हर इक...
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