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अंधेरे में रौशनी का अनुमान

यह समय अगर गुज़र भी गया तो इसके बाद दुनिया वैसी ही होगी जैसा नादिरशाह के आक्रमण के बाद दिल्ली का लालकिला था या जैसा महाभारत के युद्ध के बाद हस्तिनापुर था। जिनके होने से सब कुछ अच्छा लगता था, वो अपने इस दौर में हमसे दूर चले जा रहे हैं। हर आँख नम है, हर आंगन में मातम है;...

हम जड़ हो गए हैं

समय का जो चेहरा इस समय यह विश्व देख रहा है, उसकी मनुष्य ने कल्पना भी नहीं की होगी। लेकिन समय, मनुष्यता का जो आचरण इस समय देख रहा है, उसकी समय ने भी कभी कल्पना नहीं की होगी! ऐसा लग रहा है कि कोई हाथ से सब कुछ छीने लिए जा रहा है। जिनके साथ रोज़-रोज़ यात्राएँ कीं, जिनके...

दीपकों के लिए तेल बनो, हवा नहीं

परसों रात से ही ऐसे फोन आने लगे थे कि मरीज़ अस्पताल में तो एडमिट है लेकिन ऑक्सीजन न होने के कारण अस्पताल वालों ने बैड ख़ाली करने को कह दिया है। सुनकर दिल दहल गया। जिसे साँस ठीक से नहीं आ रही, वह अस्पताल से भी निकाल दिया गया तो कहाँ जाएगा! ऐसे मरीज़ों की मदद के लिये...

हिरण्यकश्यप होने का नुक़सान

स्वयं को भगवान मानने की महत्वाकांक्षा में हिरण्यकश्यप ने होलिका के वरदान का दुरुपयोग किया। चिता ने चीख-चीख कर कहा कि, ‘मूर्ख हिरण्यकश्यप, जनता पर इतना अत्याचार न कर कि तेरे ही महल के खंभे तेरे विनाश का उद्गम बन जाएँ!’ मदान्ध राजा ने चिता की बात अनसुनी कर दी। फिर एक...

कलकत्ता से कोरोना गिफ्ट

बंगाल चुनाव की हलचल के बीच ‘लपेटे में नेताजी’ की शूटिंग के लिये कोलकाता जाना तय हो गया। कार्यक्रम के प्रोड्यूसर आशीष पाण्डे ने पिछली बार हुगली नदी में स्टीमर पर शो शूट करने का प्रयोग किया था, जिसकी काफी प्रशंसा हुई। उसी से प्रभावित होकर इस बार भी उसी प्रारूप में शो...

सामाजिक जीवन के लोग

सामान्य जीवन के सुगम रास्ते को छोड़कर कुछ अलग करने का पागलपन मनुष्य को विशेष बनाता है, लेकिन इस विशेष जीवन का चुनाव करने वाले लोग (चाहे जिस भी क्षेत्र में हों) जो क़ीमत चुकाते हैं, उस पर कभी किसी का ध्यान नहीं जाता। बनी-बनाई राह छोड़कर अपनी पगडण्डी स्वयं बनानेवाले ये...
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