+91 8090904560 chiragblog@gmail.com

सोचा था
मन को
गंगा जैसा पावन करके आएंगे
लेकिन
लौटे हैं
गंगा को
मन जैसा मैला करके!

✍️ चिराग़ जैन

error: Content is protected !!