देर तक देखता रहा मैं
एक बिन्दु को
आशा भरी नज़रों से
लगातार।
उतनी ही देर तक
तकती रहीं
दो आँखें
छलछलाती हुईं
मुझे भी!
✍️ चिराग़ जैन
देर तक देखता रहा मैं
एक बिन्दु को
आशा भरी नज़रों से
लगातार।
उतनी ही देर तक
तकती रहीं
दो आँखें
छलछलाती हुईं
मुझे भी!
✍️ चिराग़ जैन
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