लपेटे में नेताजी
लगभग पांच साल तक चिराग़ जैन ने न्यूज़ 18 इंडिया के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘लपेटे में नेताजी’ में भाग लिया है। इस कार्यक्रम में समसामयिक विषयों पर राजनैतिक व्यंग्य की पद्य रचनाओं का प्रसारण किया जाता है। इतनी लम्बी अवधि में पैरोडी, हास्य, व्यंग्य, छंदमुक्त तथा मुक्तछंद की रचनाओं के अतिरिक्त घनाक्षरी, सवैये तथा गीत आदि की खूब सर्जना हुई।
यद्यपि इन सब रचनाओं का आधार तात्कालिक घटनाएं हैं, तथापि इनमें साहित्य का सर्वदा अभाव नहीं है। इन सभी रचनाओं को हमने किसी पुस्तक के रूप में संकलित करने का मन बनाया है। उन सभी रचनाओं को इस खंड में पाठक पढ़ सकते हैं। ये सभी रचनाएं एक क्रम में लगाने पर पद्यात्मक इतिहास का सा चेहरा बना लेती हैं।
अनुक्रम
अमन की ज़रूरत है
देश की आवाम को अमन की ज़रूरत है इसे कोई फालतू बबाल नहीं चाहिए शासक को चाहिए सुशासन बनाए रखे व्यर्थ बकवाद, झोलझाल नहीं चाहिए जनता को भरपेट रोटी चाहिए सुकूं की धरना या भूख हड़ताल नहीं चाहिए यदि संविधान का हो पूरी तरह पालन तो फिर हमें कोई लोकपाल नहीं चाहिए ✍️ चिराग़...
फ़िल्मी बतोले
"क्यों भैया, ये सरकार ने विजय माल्या को तभी क्यों नहीं पकड़ लिया जब वो भारत में था?" डायलॉग- "हम तुम्हें पकड़ेंगे माल्या। लेकिन वो ज़मीन भी हमारी नहीं होगी, देश भी हमारा नहीं होगा और वक़्त भी हमारा नहीं होगा।" "क्यों जी, ये बैंकों ने माल्या को इतना लोन कैसे दे दिया?" डायलॉग- "कौन कम्बख़्त ज़माने के लिये...
वीज़ा-वीज़ा
एक गुजराती का वीज़ा अमरीका ने ठुकराया था। ...गुजराती ने प्रधानमंत्री बनकर अमरीका को मजबूर कर दिया। अब एक कश्मीरी का वीज़ा पाकिस्तान ने ठुकराया है। ...सुरक्षा एजेंसियाँ ध्यान रखें, भाई ने यू ट्यूब पर वीडियो अपलोड करना तो सीख लिया है। चलो इस बहाने ये तो पता चला कि पाकिस्तान जाने के लिए भी वीज़ा की...
दलित का होत
भैये यो दलित दलित का होत है। कछु नाय होत भाई। ई सब नेता-ऊता पहिले चुनाब-चुनाब की कुश्ती खेलत हैं, फिर हिन्दू-मुसलमान की कबड्डी। अऊर जब सबन से उकता जइहैं तब दलित-उलित का सलीमा लगा लई हैं। ✍️ चिराग़...
या के कीड़े पड़ें
यही हाल रहा तो कुछ दिन बाद अरविन्द भैया अपने मफलर को साड़ी के पल्लू की तरह पतलून में खोंस कर हाथ हिला हिला कर बोलेंगे- "हाय या के कीड़े पड़ें.....याको नास जाय... मेरौ जीनौ हराम कार्राखो है। जाय आफत पररई है। जे ना मानैगा ...छोरा दामोदर का। हाय लगेगी मेरी हाय... मेरी आत्मान तैं हाय निकलेगी रे....!" ✍️...
उम्र मंदिर जाने की नहीं
राहुल भैया बिना बात ही नाराज़ हो गए। स्वयंसेवकों ने औरतें आगे कर केवल यह याद दिलाने की क़ोशिश की थी कि ये उम्र मंदिर जाने की नहीं, घर बसाने की है। लेकिन स्वयंसेवकों को भी समझना चाहिये था कि जो आदमी बैंकॉक से भी केवल योग कर के लौटा हो उसका संयोग भगवान भी नहीं करा सकता। ✍️ चिराग़...
शिंजो आबे की भारत यात्रा और बुलेट ट्रेन
अमित शाह - "अबे ओये, हिंदी में बोल" मोदी - "इसकी भाषा समझने से अच्छा है कि मैं भारतीय रेल की समस्याएं समझ लूँ।" बाबा रामदेव - "आप पतंजलि की बुलेट ट्रेन क्यों नहीं चलवाते।" केजरीवाल - "बुलेट में भी ईवन-ऑड सिस्टम लाएंगे। एक दिन दूसरा, चौथा, छठा, आठवां डिब्बा चलेगा; और दूसरे दिन पहला, तीसरा, पांचवां,...
पतंजलि
मार्केट में जो सबसे बढ़िया घी है वो बाबा ने बनाया है और पतंजलि का है। मार्केट में जो सबसे बढ़िया मंजन है वो भी बाबा ने बनाया है और पतंजलि का है। मार्केट में जो सबसे बढ़िया मैगी है, वो भी बाबा ने ही बनाई है और वो भी पतंजलि की है। और अब तो हद्द हो गई। बाबा ने एबीपी न्यूज़ में बताया है कि मार्केट में जो...
विज्ञापन से पता चला
विज्ञापन से पता चला कि खली की अपनी बॉडी से उनका अपना घर टूट गया। उनको अपने अवार्ड वापस कर देने चाहिए थे। लेकिन उन्होंने अवॉर्ड वापस करने की बजाय अपनी मौसी से सलाह ली। अब वो अम्बुजा सीमेंट से घर बणवा के आराम से रह रहे हैं। मुझे समझ नहीं आता कि इन सब पुरस्कार विजेताओं की कोई मौसी क्यों नहीं है। ✍️...
मार्च फॉर इण्डिया
राहुल गांधी ने मम्मी से पूछा है- "मम्मी मम्मी! बीजेपी 'मार्च फॉर इण्डिया' कर रही है तो आप 'अप्रैल फॉर इटली' क्यों नहीं करती?" मम्मी माथा ठोकते हुए बोली- "मार्च-अप्रैल का तो पता नहीं पर तू एक दिन 'श्राद्ध फॉर कांग्रेस' ज़रूर करेगा।" ✍️ चिराग़...