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लपेटे में नेताजी

लगभग पांच साल तक चिराग़ जैन ने न्यूज़ 18 इंडिया के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘लपेटे में नेताजी’ में भाग लिया है। इस कार्यक्रम में समसामयिक विषयों पर राजनैतिक व्यंग्य की पद्य रचनाओं का प्रसारण किया जाता है। इतनी लम्बी अवधि में पैरोडी, हास्य, व्यंग्य, छंदमुक्त तथा मुक्तछंद की रचनाओं के अतिरिक्त घनाक्षरी, सवैये तथा गीत आदि की खूब सर्जना हुई।
यद्यपि इन सब रचनाओं का आधार तात्कालिक घटनाएं हैं, तथापि इनमें साहित्य का सर्वदा अभाव नहीं है। इन सभी रचनाओं को हमने किसी पुस्तक के रूप में संकलित करने का मन बनाया है। उन सभी रचनाओं को इस खंड में पाठक पढ़ सकते हैं। ये सभी रचनाएं एक क्रम में लगाने पर पद्यात्मक इतिहास का सा चेहरा बना लेती हैं।

अनुक्रम

चुनाव तंत्र

एक दल बोलता है हमको थमा दो देश हम लोकतंत्र की ज़मीन बेच देते हैं एक दल बोलता है हमको थमा दो देश जनता का धर्म और दीन बेच देते हैं एक नेता बोला हम बन के मुंगेरी लाल जनता को सपने हसीन बेच देते हैं जनता ने कहा हम वायदों की बीन पर काले कोबरा को आस्तीन बेच देते हैं ✍️ चिराग़...

नोट बंद हो गये

जिनके इशारों पर नाचता था भ्रष्टतंत्र कैश के बिना सभी रिमोट बंद हो गये वोट फोर नोट की जो करते थे राजनीति उन मायाधारियों के वोट बंद हो गये डाकुओं का कैश से हुआ है ऐसा मोहभंग सरे-आम लूट व खसोट बंद हो गये पर्दे के पीछे काफ़ी कुछ अभी भी है बंद जनता को लगता है नोट बंद हो गये ✍️ चिराग़...

गोरखपुर बाल हत्याकांड

इक कमीशनखोर से उसकी कमीशन छीन ली उसने मासूमों से सारी ऑक्सीजन छीन ली हाकिमों ने वहशियों के साथ बस इतना किया दे के उनको ट्रांसफर उनकी डिवीजन छीन ली ✍️ चिराग़...

हिंदी-चीनी भाई-भाई

ओ मगरमच्छ के भ्रष्ट रूप, ओ दानव के कल्पित स्वरूप इतिहास हमें बतलाता है, बड़बोला हानि उठाता है बासठ की याद दिलाते भी, क्या बिल्कुल लाज नहीं आई तब तेरे पुरखे भजते थे, हिंदी-चीनी भाई-भाई ऊपर-ऊपर मीठा बनता, भीतर से खड़े सरौते सा कहने भर को चीनी है पर, कड़वा है सड़े चिरौते सा तिब्बत को आँख दिखाता है,...

रोमियो स्क्वैड

दहशत का आलम हो रा है, अब तो नैन लड़ाने में खाकी वर्दी वाले मिल गए, कुट गए छोरे थाने में कपड़ों पे ख़ुश्बू लगा के निकले हुजूर बाल-वाल काढ़-कूढ़ के चहकने लगे छोरियों के काॅलेज के बाहर लगा के घात खड़े-खड़े बड़ी-बड़ी बात करने लगे काॅलेज की कोई लड़की वहाँ से गुज़री तो घूर-घूर कर टोंट पास करने लगे तभी एक पुलिसिया...

नोटबंदी Day by Day

8 NOV एक सप्ताह से काला धुआँ आँखों में जल रहा था, अब नारंगी और हरे नोट आँखों में चुभ रहे हैं। जितने का पेट्रोल भरवा सकते हो भरवा लो, बाकी में पैट्रोल डाल कर आग लगा दो। आदेशानुसार : मोदी उर्फ़ धो दी। प्रधानमंत्री जी करुणानिधान हैं, वे जानते थे कि दिल के दौरे वाले मरीज़ 100 रूपये के नोट नहीं जुटा...

भारत-पाकिस्तान संबंध

मोदी जी - "नवाज़ साहब, आप ये बार बार सीमा की शांति क्यों भंग करते हो?" नवाज़ - "अरे मोदी जी, हमारे यहाँ 8 राज्य हैं, उनमें चुनाव होते हैं तो जनता का समर्थन जुटाने के लिए हमें भारत से छेड़ छाड़ करनी पड़ती है।" मोदी जी - "ऐसा करके क्या सचमुच चुनाव जीता जा सकता है?" नवाज़ - "100℅" मोदी जी - "तो बेट्टा, अब...

संदीप कुमार की सीडी

हाईकमान : संदीप कुमार जी, आपने जिस तरह की सेल्फ़ी ली हैं, उनसे आपको डर नहीं लगा? संदीप कुमार : प्यार करने वाले कभी डरते नहीं, जो डरते हैं वो प्यार करते नहीं। हाईकमान : तुम्हें कुछ करना था तो चुपचाप कर लेते, इसका ढिंढोरा पीटने की क्या ज़रूरत थी? संदीप कुमार : प्यार किया कोई चोरी नहीं की, छुप-छुप आहें...

राजनीति के दो चेहरे

दृश्य 1 एंकर : आप जीएसटी बिल पर कांग्रेस से क्या अपेक्षा करते हैं। भाजपाई : कांग्रेस देशहित के लिए इस बिल का समर्थन करे। कांग्रेसी : लेकिन 2013 में तो इसी बिल का भाजपा ने विरोध किया था। भाजपाई : बीती ताहि बिसार के आगे की सुधि ले। दृश्य 2 एंकर : आपकी सरकार कश्मीर समस्या का कोई समाधान क्यों नहीं...

कैसे खेलें होली

जबसे कुर्सी पाई जी, मोदी कैसे खेलें होली ऐसी आफ़त आई जी, मोदी कैसे खेलें होली फ्यूज़ उड़ा कर गए केजरी दिल्ली ली हथियाई उधर जाट सब फेल कर गए पानी की सप्लाई धोती ना धुल पाई जी मोदी कैसे खेलें होली रास चल रहा जेएनयू में बिना डरे बिन सहमे उधर कूद गए रविशंकर जी स्वयं कालिया दह में रोई जमुना माई जी मोदी...

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