+91 8090904560 chiragblog@gmail.com

लपेटे में नेताजी

लगभग पांच साल तक चिराग़ जैन ने न्यूज़ 18 इंडिया के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘लपेटे में नेताजी’ में भाग लिया है। इस कार्यक्रम में समसामयिक विषयों पर राजनैतिक व्यंग्य की पद्य रचनाओं का प्रसारण किया जाता है। इतनी लम्बी अवधि में पैरोडी, हास्य, व्यंग्य, छंदमुक्त तथा मुक्तछंद की रचनाओं के अतिरिक्त घनाक्षरी, सवैये तथा गीत आदि की खूब सर्जना हुई।
यद्यपि इन सब रचनाओं का आधार तात्कालिक घटनाएं हैं, तथापि इनमें साहित्य का सर्वदा अभाव नहीं है। इन सभी रचनाओं को हमने किसी पुस्तक के रूप में संकलित करने का मन बनाया है। उन सभी रचनाओं को इस खंड में पाठक पढ़ सकते हैं। ये सभी रचनाएं एक क्रम में लगाने पर पद्यात्मक इतिहास का सा चेहरा बना लेती हैं।

अनुक्रम

इमरान खान के प्रधानमंत्री बनने पर

पाक की सियासत क़माल की सियासत है सबकी बनाती है ये रेल, चले जाओगे फाँसी, गोली, क़ैद, सज़ा यही मिलता है बस निकलेगा आपका भी तेल चले जाओगे खेल-खिलवाड़ नहीं ज़िन्दगी का दांव है ये कस ली है नाक में नकेल चले जाओगे कुछ रोज़ महलों का रंग ढंग देख लो जी बाद में तो आप ख़ुद जेल चले जाओगे भारत के वीर सैनिकों से सामना...

कई पीढ़ियाँ बीत गई हैं

सूरज आग उगलता हो सिर पर मेघ मचलता हो भीषण कोहरा पड़ता हो अम्बर दिन भर जलता हो हर मुश्किल को झेल गए हम मेहनत की तलवार से हमें कष्ट होता है केवल शासन के व्यवहार से मिट्टी सख्त हुई तो हम भी कंधे पर हल धर लाए नाखूनों से नहर काट कर खेतों तक कलकल लाए ओले बरसे नहीं हटे पारा उछला वहीं डटे आंधी आई अड़े रहे...

तेल डलवाकर करेगा क्या?

सबसे पहले नोट बन्द हुए फिर आई जीएसटी फिर भी यदि परमात्मा ने किसी के मन में कमाने-खाने की हिम्मत भर दी तो हमने उसकी दुकान सील कर दी। दुकान बंद पड़ी है काम चौपट है ऐसे में पेट्रोल तिजोरी में भरेगा क्या जब घर से निकलना ही नहीं है तो गाड़ी में तेल डलवाकर करेगा क्या? केंद्र में विपक्ष नहीं राज्यों में...

महंगाई (पेट्रोल)

देश को सँवारने के क़ीमती ये दिन-रात आप क्यों विपक्ष की नकेल में लुटा रहे जनता के हाथों में से छीन के पुराने नोट नए-नए नोट अब तेल में लुटा रहे पार्टी को अरबों का दान जो मिला हुज़ूर हाय उसे खच्चरों की सेल में लुटा रहे थोक के व्यापार में कमाई हुई साख काहे हर दो महीने में रिटेल में लुटा रहे गाड़ी में...

कैराना उपचुनाव

अक्ल समय पर आ जाती, चिड़िया खेत न चुग के जाती हाथ बँटाते सब साथी, चिड़िया खेत न चुग के जाती जनता की चिंता से पहले ही झोली भर लेते आज किया है जो गठबंधन वो पहले कर लेते तो ये आफत ना आती, चिड़िया खेत न चुग के जाती चाचा और भतीजा है गए, ईगो वाले रोगी गैया पाली अखिलेशों ने, दूध पी गए योगी बूआ चौकस हो जाती,...

कैराना उपचुनाव

लल्ला का है गो कैराने में जल गई काठ की हांडी वोटर नाय आयो बहकाने में जल गई काठ की हांडी रोड बनाकर जाल बिछायो ख़ूब सड़क को शोर मचायो योगी ने भी ज्ञान पिलायो सबने पूरा जोर लगायो साबुन गिर गी बीच नहाने में जल गई काठ की हांडी फिर कीकर पे आम न आए वोट दिलाने राम न आए क्यों जुमलों के दाम न आए जिन्ना भी कछु...

चुनाव

"अगला चुनाव कब है?" "नवंबर में होगा शायद।" "कब से जुटना है?" "जुलाई-अगस्त से शुरू करते हैं।" "ठीक है, तब तक रूस घूम आता हूँ।" "लेकिन पैसा कहां से आएगा।" "ह्म्म्म.... पैट्रोल के दाम बढ़ा दो ना यार। " ✍️ चिराग़...

अमित शाह गश्त पर हैं

न्यायालय ने पूछा- "पंद्रह दिन प्रतीक्षा कर लेंगे तो क्या बिगड़ जाएगा?" कांग्रेसी बोले- "अठहत्तर विधायकों को पन्द्रह दिन रेसोर्ट में रखने का ख़र्चा बढ़ जाएगा।" न्यायालय बोला - "विधायक घर पर रहें तो इसमें क्या डर है?" कांग्रेसी बोले- "कमाल करते हैं साहब आपको पता नहीं अमित शाह गश्त पर हैं!" ✍️ चिराग़...

राज करेगी भाजप्पा

दक्षिण में कर्नाटक के रीयल नाटक का शोर रहा उत्तर में सेना को देखा तो मंज़र कुछ और रहा काशी में इक पुल टूटा जो पूरा आदमखोर रहा नेताजी का केवल सत्ता हथियाने पर ज़ोर रहा जब विधायकों की मंडी लगा ली, नियम की सुध ना ली लीडर हुए मलंग भाइयो पूरी राजनीति हो गई मवाली, सभी के सब ठाली ये ठीक नहीं ढंग भाइयो...

error: Content is protected !!