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लपेटे में नेताजी

लगभग पांच साल तक चिराग़ जैन ने न्यूज़ 18 इंडिया के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘लपेटे में नेताजी’ में भाग लिया है। इस कार्यक्रम में समसामयिक विषयों पर राजनैतिक व्यंग्य की पद्य रचनाओं का प्रसारण किया जाता है। इतनी लम्बी अवधि में पैरोडी, हास्य, व्यंग्य, छंदमुक्त तथा मुक्तछंद की रचनाओं के अतिरिक्त घनाक्षरी, सवैये तथा गीत आदि की खूब सर्जना हुई।
यद्यपि इन सब रचनाओं का आधार तात्कालिक घटनाएं हैं, तथापि इनमें साहित्य का सर्वदा अभाव नहीं है। इन सभी रचनाओं को हमने किसी पुस्तक के रूप में संकलित करने का मन बनाया है। उन सभी रचनाओं को इस खंड में पाठक पढ़ सकते हैं। ये सभी रचनाएं एक क्रम में लगाने पर पद्यात्मक इतिहास का सा चेहरा बना लेती हैं।

अनुक्रम

दल बदलू का कार्यकर्ता

कल तक जो थे दोस्त, कहा अब उनको दुश्मन मान हम पुतले हैं या इंसान कल तक जिनको गाली दी थी जुमला छाप जुगाली की थी अब कहते हो गाली छोड़ करें उनका गुणगान हम पुतले हैं या इंसान कल तक जिनके कपड़े फाड़े हमने जिनके टैंट उखाड़े अब तुम ख़ुद ही बैठ गये हो उनका तम्बू तान हम पुतले हैं या इंसान जब तुम चाहो पत्थर मारें...

उदित राज के विवादित बयान

कैसे देते हो विवादित बयान बताओ ये कहाँ से सीखे ऐसी बातें ही क्यों करते श्रीमान बताओ ये कहाँ से सीखे बीच बहस में क्यों चैनल को छोड़ चले आते हो अपनी-अपनी कहते, औरों की नहीं सुन पाते हो झट से हो जाते हो कैसे अंतर्धान बताओ ये कहाँ से सीखे कभी कुम्भ के मेले पर ही प्रश्न उठा देते हो मीटू को भी...

उदित राज को समर्पित

जब तक टिकट नहीं कट जाती तब तक सब कुछ चलता है सब कुछ है चलता है टिकट का कटना खलता है जिस पुलवामा की घटना को साज़िश आप बताए उस घटना के घटने पर क्यों दल को छोड़ न पाए जिसकी खाट खड़ी हो जाए वो ही आँखें मलता है आंखें मलता है, टिकट का कटना खलता है राष्ट्रपति को गूंगा-बहरा कहते नहीं हिचकते बीजेपी में रहकर...

लॉकडाउन की दिवाली

मार्किट ठंडा घर-घर मंदा जेब सभी की ख़ाली है चारों ओर दिवाला निकला कैसी आई दिवाली है कोरोना की दहशत ऐसी अबकी गिफ्ट नहीं आये इसके डिब्बे उसके घर में होकर शिफ्ट नहीं आये ख़ूब घुमंतू सोन पापड़ी घर पर बैठी ठाली है चारों ओर दिवाला निकला कैसी आई दिवाली है कोरोना ने लक्ष्मी जी को कैसा क्वारंटाइन किया धनतेरस...

इलेक्सन

क्या करना है कारोबार कल और इलेक्सन होंगे कल और इलेक्सन होंगे, घनघोर इलेक्सन होंगे हर ओर इलेक्शन होंगे, पुरजोर इलेक्शन होंगे सब कुछ मुफ्त मिलेगा यार कल और इलेक्सन होंगे एमपी वाले चावल देंगे, दिल्ली वाई-फाई पटना जाकर फोकट में ले लेंगे यार दवाई मेहनत के मुँह पर पोतेंगे, उंगली की सब स्याही जब उंगली से...

राजनीति की फ़िल्म इंडस्ट्री

राजनीति की स्क्रिप्टिंग और प्रशासन का अभिनय देखकर लगता है कि उत्तर प्रदेश में फ़िल्म इंडस्ट्री बनाने का विचार निराधार नहीं था। ✍️ चिराग़...

भाई-भतीजा

जब भी जनता के हाथों नतीजा रहा फिर न चाचा रहा ना भतीजा रहा लोग अभिनय के दम पर सफल हो गए ख़ूबसूरत भले थोबड़ा भी नहीं अपने बेटे को हीरो बना ना सके जुबली हीरो व यश चोपड़ा भी नहीं काम पर्दे पे बोला न अरबाज़ का भाई का भाई पर मन पसीजा रहा जब भी जनता के हाथों नतीजा रहा फिर न चाचा रहा ना भतीजा रहा सिर्फ एप्रोच...

चीनी एप्लिकेशंस बैन

तेरा पब्जी करके बैन, तोय ऐसो मज़ा चखाय देंगे तेरा छिन जाएगा चैन, तोय नानी याद दिलाय देंगे जिन वीरों का सबरा जीवन टीकटोक ने खाया एप्लिकेशन बैन करा के हिल्ला याद दिलाया मेहनत करके दिन-रैन, तेरा धंधा तले लगाय देंगे तेरा छिन जाएगा चैन तोय नानी याद दिलाय देंगे अपना माल वहीं पर रख ले, हम ख़ुद बनवा लेंगे...

चीनी धमकियां

इस हाथ बातचीत, उस हाथ घुसपैठ गोल-गोल न घुमाओ सीधे-सादे सीन को हाथ मिल जाने से न कमज़ोर मान लेना जड़ से उखाड़ सकते हैं आस्तीन को बड़े-बड़े कोबराओं को नचाना जानते हैं फिर न उठाना पड़े हमें उस बीन को भारत के वर्तमान पीएम को जान लेना चाय में मिला के कहीं बेच न दे चीन को ✍️ चिराग़...

सुशांत केस की कवरेज

मुद्दा मिल गया हाई फाई सारे चैनल लग गए इसमें मोटी है कमाई सारे चैनल लग गए अभी पूर्ण भी नहीं हुई है, जाँच प्रक्रिया आधी मगर मीडिया के बुलेटिन में रिया हुई अपराधी क्या कर लेगी सीबीआई सारे चैनल लग गए जिसके घर में मौत हुई है उसका लाभ उठाते नम्बर वन बनने की जिद्द में, आँसू तक बिक जाते इनको रोको कोई...

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