कोहरा घना है
‘कोहरा घना है’ शीर्षक से तैयार की जा रही यह पुस्तक, चिराग़ जैन के उन व्यंग्य-लेखों का संग्रह है जो समसामयिक घटनाओं पर लिखे गए हैं। लोकतंत्र, राजनीति तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े इन व्यंग्य-लेखों में हास्य से अधिक चुटीले कटाक्ष का रंग देखने को मिलता है। यह पुस्तक फिलहाल प्रकाशनाधीन है।
अनुक्रम
पूर्वाग्रही हम
पुलिसकर्मी सड़क पर किसी रिक्शावाले को गरियाते हुए दिखाई देता है, तो हम पुलिसकर्मियों को राक्षस और रिक्शावाले को बेचारा मान बैठते हैं। लेकिन यही रिक्शावाले जब पूरी सड़क घेरकर आपको निकलने का रास्ता नहीं देते, तब हमें ये रिक्शावाले दुष्ट और पुलिसकर्मी रिश्वतखोर लगने लगते हैं। सारे ट्रैफिक नियमों का...
संवेदना पर राजनीति की परत
हम संवेदनात्मक रूप से काफ़ी परिपक्व हो चुके हैं। किसी भी घटना पर होने वाली राजनीति ने हमारी कोमल रोमावली के ऊपर ऐसी मोटी परत चढ़ा दी है कि हम किसी भी घटना को देख सुनकर सिहरते नहीं हैं। आज सहारनपुर से एक ग्यारहवीं कक्षा की छात्रा के सामूहिक बलात्कार की ख़बर पढ़ी। फिर देखा कि सोशल मीडिया पर एक तबका...
आधुनिक गणितज्ञ
माननीय आर्यभट्ट से कहीं आगे चीज़ हैं। वे एक और एक ग्यारह कभी नहीं करते, अपितु 5 और 6 ग्यारह करते हैं। प्लस का निशान (➕️) न दिखा तो 56; वरना 11 तो है ही..! इन्होंने छोटी संख्या में से बड़ी संख्या को घटाने जैसे उल्टे-सीधे प्रयोग कभी नहीं किए। मामला हमेशा सीधा-सपाट रखा; बड़ी संख्या से छोटी को घटाना...
कुएं में भांग
मन यह सोचकर आतंकित है कि हम उस स्थिति तक आ चुके हैं जहाँ कुँआ और खाई में से किसी एक को चुनने की विवशता है। एक ओर वे हैं, जिनसे छीनकर सत्ता भाजपा को दी गई थी और दूसरी ओर ये हैं जो ये सुनिश्चित करना चाहते हैं कि किसी भी कीमत पर इन्हें सत्ता से बाहर न किया जा सके। हमें इन दो में से एक का चुनाव करना...
नफ़रत की फसल
घृणा और द्वेष के बीज अब फलने लगे हैं। विषबेल ने एक बड़े से वृक्ष को जकड़कर उसके प्राण सोखने प्रारंभ कर दिए हैं। रंग-बिरंगे फूलों से सजे उद्यान का हर फूल दूसरे रंग के फूलों से नफ़रत करने लगा है। किसी डाल को कटते देखकर अन्य डालियाँ ख़ुश होने लगी हैं। क्यारियों ने अपनी सोच सीमित करके अपने भीतर उग आए...
बर्बरता का पहला आक्रमण
'ख़ून का बदला ख़ून' किसी सभ्य समाज के संचलन की नीति नहीं हो सकती। बर्बरता का पहला आक्रमण नैतिकता के आत्मबल पर होता है। और इस आक्रमण से बौखलाकर ज्यों ही आप अनैतिक हुए, उसी क्षण आपने बर्बरता का आत्मविश्वास दोगुना कर दिया। भारतीय जनता पार्टी के समर्थकों ने भाजपा विरोधियों की ट्रोलिंग प्रारंभ की। वे...
भविष्य का अनुमान
किसी समाज के वर्तमान का आकलन उसके वैभव से किया जाता है, किंतु उसके भविष्य का अनुमान केवल उसके विवेक से लगाया जा सकता है। घटनाएँ और दुर्घटनाएं यदि समाज के लिए कुछ दिन तक न्यूज बुलेटिन की स्टोरी भर बनकर रह जाएं और उनसे बेहतर समाज के निर्माण का कोई विमर्श नहीं उपजे तो समझ लीजिए कि हमारी पीढ़ियां...
मुनाफ़े का रन-वे
विमानन सेवाओं ने मुनाफ़े को वरीयता देते हुए यात्रियों के कष्टों को पूरी तरह अनदेखा कर दिया है। आप जब कोई फ्लाइट बुक करते हैं तो उसके हिसाब से आगे का कार्यक्रम तथा बुकिंग भी प्लान करते हैं। जब सब कुछ तय हो जाता है तब अचानक पता चलता है कि एअरलाइंस को सवारी कम मिली, इसलिए उसने आपसे बिना पूछे आपको किसी...
पाड़ ले मेरी पूँछ
जन्तर-मन्तर पर एक आन्दोलन उपजता है। युवा, वृद्ध, स्त्री, पुरुष, अमीर, ग़रीब सब एक बूढ़ी काया में तन्त्र के सुधार की उम्मीद देखने लगते हैं। कोई राजनैतिक आधार नहीं, कोई प्रोपेगेंडा नहीं, कोई ग्लैमर नहीं... पीछे बैनर पर महात्मा गांधी का भव्य चित्र, आगे श्वेत वसन धारी अन्ना हजारे, माइक पर जनता को आंदोलन...
चुनाव के बाद
जीत और हार के शोर-शराबे के बाद यकायक राजनैतिक गलियारों में सन्नाटा पसर गया है। जीतनेवाले इतने स्पष्ट बहुमत से जीते हैं कि मीडिया के पोस्ट इलेक्शन अलायंस और हॉर्स ट्रेडिंग जैसे कैप्सूल धरे के धरे रह गये हैं। यही स्पष्ट बहुमत वर्तमान लोकतंत्र की दरकार है। आरोप-प्रत्यारोप जैसे तमाम हो-हल्ले पर चुनाव...