+91 8090904560 chiragblog@gmail.com

कोहरा घना है

‘कोहरा घना है’ शीर्षक से तैयार की जा रही यह पुस्तक, चिराग़ जैन के उन व्यंग्य-लेखों का संग्रह है जो समसामयिक घटनाओं पर लिखे गए हैं। लोकतंत्र, राजनीति तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े इन व्यंग्य-लेखों में हास्य से अधिक चुटीले कटाक्ष का रंग देखने को मिलता है। यह पुस्तक फिलहाल प्रकाशनाधीन है।

अनुक्रम

मुनाफ़े का रन-वे

विमानन सेवाओं ने मुनाफ़े को वरीयता देते हुए यात्रियों के कष्टों को पूरी तरह अनदेखा कर दिया है। आप जब कोई फ्लाइट बुक करते हैं तो उसके हिसाब से आगे का कार्यक्रम तथा बुकिंग भी प्लान करते हैं। जब सब कुछ तय हो जाता है तब अचानक पता चलता है कि एअरलाइंस को सवारी कम मिली, इसलिए उसने आपसे बिना पूछे आपको किसी...

पाड़ ले मेरी पूँछ

जन्तर-मन्तर पर एक आन्दोलन उपजता है। युवा, वृद्ध, स्त्री, पुरुष, अमीर, ग़रीब सब एक बूढ़ी काया में तन्त्र के सुधार की उम्मीद देखने लगते हैं। कोई राजनैतिक आधार नहीं, कोई प्रोपेगेंडा नहीं, कोई ग्लैमर नहीं... पीछे बैनर पर महात्मा गांधी का भव्य चित्र, आगे श्वेत वसन धारी अन्ना हजारे, माइक पर जनता को आंदोलन...

चुनाव के बाद

जीत और हार के शोर-शराबे के बाद यकायक राजनैतिक गलियारों में सन्नाटा पसर गया है। जीतनेवाले इतने स्पष्ट बहुमत से जीते हैं कि मीडिया के पोस्ट इलेक्शन अलायंस और हॉर्स ट्रेडिंग जैसे कैप्सूल धरे के धरे रह गये हैं। यही स्पष्ट बहुमत वर्तमान लोकतंत्र की दरकार है। आरोप-प्रत्यारोप जैसे तमाम हो-हल्ले पर चुनाव...

जबरन वेक्सिनेशन

केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफ़नामा दाखि़ल किया है कि किसी को जबरन वेक्सिनेशन नहीं लगाया जा सकता। यह ख़बर टीवी पर देखी और याद आ गया वह सब कुछ जो पिछले कुछ समय में व्यवहार में देखा है। हवाई जहाज में यात्रा करने के लिए वेक्सीन की दोनों डोज़ होना अनिवार्य है। यदि ऐसा न हो तो हर बार यात्रा से 48...

भाषा के स्तर से झाँकता व्यक्तित्व

भाषा किसी भी व्यक्तित्व का प्रथम विज्ञापन है। आप अपनी बात कहने के लिए जिस शब्दावली का प्रयोग करते हैं, वह आपकी मूल प्रवृत्ति की द्योतक है। राजनैतिक भाषणों की गाली-गलौज, अराजकता, अभद्रता तथा अशिष्टता के सैंकड़ों उदाहरणों से यूट्यूब पटा हुआ है। निरर्थक वक्तव्य, कुतर्क, अश्लीलता और मूर्खतापूर्ण...

विघटन

"अलवर में एक मूक-बधिर बालिका के साथ सामूहिक बलात्कार हुआ।" इस ख़बर में न तो 'अलवर' शब्द महत्वपूर्ण है, न 'मूक-बधिर'। इसमें अगर कुछ महत्वपूर्ण है तो वह है बलात्कार। इसमें किसी शब्द पर शर्मिंदा हुआ जा सकता है तो वह शब्द है बलात्कार। लेकिन हम इस एक शब्द को छोड़कर, बाक़ी हर शब्द पर चर्चा करेंगे। भाजपा...

कुँए में भांग पड़ी है

प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक की घटना पर दोनों तरफ़ के लोग जो ट्रोलिंग कर रहे हैं, वह अधिक दुःखद है। यह विषय देश के सर्वाेच्च नेतृत्व की सुरक्षा से जुड़ा है। इसमें परिहास और उपहास की कोई गुंजाइश नहीं है। बल्कि आदर्श स्थिति तो यह थी कि इसमें राजनीति की भी संभावनाएँ न खोजी जातीं। सीधा-सा मसअला है कि...

आगे टोल प्लाज़ा है

वह दिन दूर नहीं जब हर टोल प्लाज़ा पर लिखा होगा कि अगला टोल प्लाज़ा 500 मीटर आगे है। 2017 में भारत सरकार ने सभी वाहनों के लिए टोल टैक्स भुगतान करने के लिए ‘फास्ट टैग’ आवश्यक कर दिया था। इसके समर्थन में यह तर्क दिया गया था कि इससे टोल प्लाज़ा पर लगने वाली लम्बी कतारों से मुक्ति मिलेगी। (यद्यपि तब भी यह...

संस्कृति के विरुद्ध षड्यंत्र

पिछले कुछ वर्ष में भारतीय संस्कृति के विरुद्ध एक ऐसा डिजिटल षड्यंत्र प्रारम्भ हुआ है, जिसके शिकंजे में हमारे हज़ारों युवा फँसते जा रहे हैं। भारतीय संस्कृति अपनी आर्य परम्परा, सहिष्णुता, सौहार्द तथा वात्सल्य के दम पर पूरी दुनिया में शीर्ष पर रही। इन मूल्यों के कारण ही यूनान, मिस्र, रोमा सब मिट गये...

ओमिक्रोन की राजनीति

देश एक बार फिर दोराहे पर खड़ा हैं। एक ओर खुला राजमार्ग है जिसके दोनों ओर रोटी-पानी के स्रोत हैं लेकिन उसके हर मोड़ पर ‘दुर्घटना’ होने की आशंका भी है। दूसरी ओर वह बंद सड़क है, जो दुर्घटनाओं से तो हमें सुरक्षित कर देगी लेकिन रोज़मर्रा की ज़रूरतों का अभाव इस सुरक्षा का न्यूनतम मूल्य है। इस दोराहे पर...

error: Content is protected !!