एक अदद किरदार
‘एक अदद किरदार’ में चिराग़ जैन की उन गद्य रचनाओं का समावेश है, जो डायरी, संस्मरण तथा आत्मकथात्मक शैली में रची जा रही हैं। संभव है इस शीर्षक तले संकलित सभी रचनाएं अंततः चिराग़ जैन की आत्मकथा के रूप में पाठकों को प्राप्त हों।
अनुक्रम
फ्रेंडशिप
"भाई नी है... दिखा दे ना।" उसने मेरे ठीक पीछे वाले बेंच पर से फुसफुसा कर कहा। मैं थोड़ा सा सरक गया। "साले ढंग से दिखा वरना रहने दे।" "अबे तो मैं अपना न लिखूँ।" "अच्छा बस एक मिनिट।" "एक बार में देख ले, फिर नहीं दिखाऊंगा। इत्ता लम्बा पेपर है, तेरे कारण मेरा भी रह जाएगा।" "अबे मैं फेल हो गया तो तुझे...