एक अदद किरदार
‘एक अदद किरदार’ में चिराग़ जैन की उन गद्य रचनाओं का समावेश है, जो डायरी, संस्मरण तथा आत्मकथात्मक शैली में रची जा रही हैं। संभव है इस शीर्षक तले संकलित सभी रचनाएं अंततः चिराग़ जैन की आत्मकथा के रूप में पाठकों को प्राप्त हों।
अनुक्रम
बैरागी जी नहीं रहे
आह! हिंदी के शौर्य जा सूरज डूब गया। कवि सम्मेलनों में दिनकर की ऊष्मा को उग्र करके जीवित रखने वाला अमर रथ ऊर्ध्वगामी हो गया। कविता की वर्तिका की जाज्वल्यमान आभा खो गई। कड़वा है, पर सत्य है बैरागी जी नहीं रहे। आज शाम गोधूलि वेला में वे दिनकर के संग अस्त हो गए। जीवंत इतने थे कि आयु की विवशताओं के...
काला अम्ब
हरियाणा और हिमाचल के संगम पर एक छोटा सा कस्बा है - काला अम्ब। दोपहर बाद जब यहाँ पहुँचे तो उदासी और वीराने के दर्शन हुए। सूखी हुई पहाड़ी नदी, ट्रैफिक, धूप और बेतरतीब सी शहरी ज़िन्दगी जी रहे लोग। लेकिन ज्यों-ज्यों शाम ढली, त्यों त्यों इस उदासी में उत्सव पैर पसारने लगा। हिमालयन ग्रुप ऑफ प्रोफेशनल...
अरुण जैमिनी
हिंदी कवि सम्मेलनों की अपनी डेढ़ दशकीय यात्रा में हर वरिष्ठ ने कुछ न कुछ सिखाया है। यात्राओं में लगभग सभी के साथ अच्छा समय बिताया है। इस डेढ़ दशक में मुझे ज्ञात हुआ कि हर शख़्स अपनी सीमित बुराइयों और असीमित अच्छाइयों के साथ जीता है। इस डेढ़ दशक में मैंने जाना कि हर बड़ा व्यक्ति भीतर से एक बेहद प्यारा...
थाईलैंड की खाड़ी पर बसा यह रंगीन शहर – पटाया
बैंकाक में काव्यपाठ के उपरांत पटाया भ्रमण का निर्णय हुआ। थाईलैंड की खाड़ी पर बसा यह रंगीन शहर अपनी विलासिता के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है। मुम्बई जैसी ऊमस भरे मौसम में भी लोगों की ऊर्जा में कोई कमी नहीं है। प्रदूषण और गंदगी से पूरी तरह मुक्त यह शहर सैलानियों की पसंदीदा जगह है। नारियल की मिठास...
प्रमोद तिवारी जी के निधन पर
कवि सम्मेलन के सफर में फिर से दो साथी ज़ंजीर खींच कर बीच में ही उतर गए। रायबरेली से कानपुर लौटते हुए एक बार फिर रात के तीसरे पहर का अंधेरा हमसे हमारे दो कवियों को छीन ले गया। यादों के चुलबुले गीतकार श्री प्रमोद तिवारी एक ही झटके में हमारा साथ छोड़ गए। उनके साथ श्री के डी शर्मा हाहाकारी भी इसी...
अलविदा शशि कपूर साहब!
एक पूरा जीवन समाप्त हो जाने की एक और ख़बर आई। वे शशि साहब जो कभी चहकते हुए एक नौजवान थे, वे जिनका अंदाज़ "स्टाइल" कहलाता था, वे जिनका उठना-बैठना, खानपान, आना-जाना सब कुछ सुर्खियों में तब्दील हो जाता था; आज "हमेशा" के लिए विदा हो गए। वो शरारती आंखें अब कभी नहीं खुलेंगी। कितना जरूरी और बेतुका सत्य है...
मुहब्बत के पैगम्बरों के लिए सुकून
ख़ुद को ख़ुदा के बन्दे और जेहादी कहने वाले खूंखारों ने ख़ुदा की इबादत और ख़ुदा से मुहब्बत का पैग़ाम देने वाली एक बेहतरीन आवाज़ को ख़ामोश कर दिया। रूह से उठने वाला वो अलाप जो सुनने वालों को सीधे रूहानियत के गलियारों तक लिए जाता था, वो अलाप स्वयंभू जेहादियों पर एक धिक्कार के साथ हमेशा के लिए बंद हो गया।...
पिता
अब कवि सम्मेलन में आना-जाना मेरे लिए सामान्य हो चुका है। एक काम जैसा अनुभव रह गया है कवि सम्मेलनीय यात्राओं का। लेकिन आज भी मेरे घर लौटने पर मेरी अटैची से जब कोई प्रतीक चिन्ह मिलता है तो वे लपक कर उसे उठा लेते हैं और उसका एक एक अक्षर आद्योपान्त पढ़ जाते हैं। जब किसी निमंत्रण पत्र में छपता है मेरा...
खूबसूरत ज़िन्दगी का दर्दनाक अंत
सफलता के पथ पर एक प्रेत रहता है, जिसका नाम है अवसाद। इसकी पकड़ बहुत मज़बूत है। मुस्कुराहटों और खिलखिलाहटों की महफ़िल से छिटक कर अचानक एकाकी हो गए लोगों पर यह सामने से हमला करता है। सफलता के पथ का पथिक जब व्यावसायिक सफलता और व्यक्तिगत चुनौतियों के बीच झूल रहा होता है तब न जाने किस बिंदु पर यह प्रेत...
बाजीराव मस्तानी
बाजीराव मस्तानी देखी। लोग इसे प्रेमकथा समझें लेकिन ये संबंधों के उस दर्शन की कथा है जिसको सहज अनुभूत करना भी मुश्किल है। ये इस बात का प्रमाण है कि हम अक्सर ऐसी स्थिति में जी रहे होते हैं, जहाँ कोई भी शख़्स ग़लत नहीं होता, लेकिन हम अक्सर ये भी मान रहे होते हैं कि सब ग़लत हैं। फ़िल्म का सबसे बारीक़ और...