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बकोध्यानम्

‘बकोध्यानम्’ चिराग़ जैन का व्यंग्य-संग्रह है, जो फिलहाल प्रकाशनाधीन है। इस पुस्तक में प्रवृत्तियों पर कटाक्ष करते हुए उन लेखों को सहेजा गया है जिनका मूल उद्देश्य अपने समाज को बेहतर बनाना है। इस पुस्तक में विविध विषयों पर लिखे गए व्यंग्य-लेखों का संग्रह है।

अनुक्रम

साहित्यिक गोष्ठियों के वक्ता

आज एक साहित्यिक कार्यक्रम में अनेक वक्ताओं को सुनने का अवसर मिला तो पता चला कि आजकल मार्केट में अनेक प्रकार के वक्ता चल रहे हैं। कुछ परंपरागत वक्ता जो पुराने ढर्रे पर विषय का बाक़ायदा अध्ययन करके मंच पर आते हैं, वे आजकल मंच पर आ नहीं पाते हैं। इसके विपरीत वे लोग मंच की अट्टालिकाओं पर सुशोभित हो...

सब कुछ सामान्य है

कल NDTV पर दिल्ली के मुख्यमंत्री जी का साक्षत्कार सुना। "आनंद आ गया" नही कह सकता क्योंकि भाजपाई नाराज़ हो जाएंगे; "सन्न रह गया" भी नहीं कह सकता क्योंकि आपिये नाराज़ हो जाएंगे। थोड़ी देर के लिये कांग्रेसी हो जाता हूँ और माथे पर त्यौरियाँ लिये मद्धम मुस्कान के साथ कहता हूँ - "ये क्या था?" मुख्यमंत्री...

हल्ला : विकास का एक पर्याय

हल्ला। ये एक ऐसा भाव है जो मचता है। इसके मचने के लिए मुद्दा कतई ज़रूरी तत्व नहीं है। भारत जैसे राजनैतिक रूप से परिपक्व (जिसे कुछ संकुचित मानसिकता के लोग ढिठाई की संज्ञा देते हैं) देश में हल्ले की आड़ में मुद्दों को सुरक्षित रखा जाने की परंपरा होती है। हल्ला मचाना यूं तो हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है...

गौरक्षा की दुहाई

विषय लज्जा से कहीं आगे निकल चला है। एक शब्द पकड़ कर उसका कैसा-कैसा प्रयोग किया जा सकता है ये सच पिछले दो दिन में बेहद घृणास्पद चेहरे के साथ बार-बार सामने से गुज़रा है। अफ़वाह तंत्र कितना शक्तिशाली और भयावह है, इस बात के प्रमाण पिछ्ले 48 घंटों से अनवरत मिलते जा रहे हैं। उन्माद इस देश की अराजकतावादी...

जोकर का तमाशा

लड़ाई क़ायम रहनी चाहिये। जंग चलती रहनी चाहिये। जोकर का तमाशा कभी नहीं रुकता। हिन्दू-मुस्लिम के खेल से ऊब जाओ तो विचारधाराओं का खेल खेलो। उनसे मन भर जाए तो जातियों का पंगा डाल दो। जाति हटे तो भाषा, भाषा हटे तो उत्तर-दक्षिण, ये नहीं तो कुछ और, कुछ और नहीं तो कुछ भी और। लेकिन मनोरंजन होता रहना चाहिये।...

क़ानून इतना भी अंधा नहीं है जितना लगता है

लीजिये जनाब! रोना-पीटना बंद करो, सल्लू भाई पर आता हुआ संकट उसी तरह टल गया जैसे धरती की ओर बढ़ता हुआ उल्कापिंड अचानक न्यूज़ चैनल देखकर अपनी दिशा बदल लेता है। सेशन कोर्ट ने तेरह साल तक न्याय को वनवास दिये रखा और हाईकोर्ट ने तीस हज़ार रुपये की बड़ी रक़म वसूल कर न्याय को अज्ञातवास में भेज दिया। सारा प्रकरण...

बदचलन लड़की बनाम मीडिया

किसी शहर में एक लड़की रहती थी। बहुत खुले विचारों की थी। उसको मुहल्ले का कोई भी लड़का फ़िल्म दिखाने, कॉफ़ी पिलाने, पार्क घुमाने, बाइक पर घुमाने, डिस्को ले जाने या डेट पर चलने का ऑफ़र देता, तो बिना किसी नखरे के मान जाती थी। धीरे-धीरे उसकी यह सहृदयता पूरे शहर में फ़ेमस हो गई। कभी-कभी बाहर के शहर के छोरे भी...

चरित्र-हत्या का परमानेन्ट फण्डा

मेरे इस लेख को वे लोग न पढ़ें जो स्वयँ को महिला आयोग का अघोषित अध्यक्ष समझते हुए किसी भी मुद्दे में महिला का नाम आते ही महिला को पीड़ित और बेचारी समझकर बुद्धि के कपाट बंद कर देते हैं। वे लोग भी इस पोस्ट से दूर रहें जो स्वयं को मन ही मन, भाजपा, आप, कांग्रेस या अन्य किसी दल का प्रवक्ता मान बैठे हैं और...

केजरीवाल भव

अन्ना एक बार फिर आंदोलन मूड में आ गये हैं। जो लोग पिछली बार उन्हें हल्के में ले रहे थे वे गंभीर दिखाई दे रहे हैं। जिन लोगों ने केजरीवाल के शपथ ग्रहण समारोह के बाहर खड़े होकर अपनी क़िस्मत को कोसा था, उनको अन्ना ने एक बार फिर अवसर प्रदान कर दिया। वे भी सब अपनी-अपनी कोसी हुई किस्मत को धो-धा कर चैक की...

विकास

बिहार में नये मुख्यमंत्री ने कहा है कि वे विकास को सबसे ऊपर रखेंगे। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने भी कहा था कि वे विकास को सबसे ऊपर रखेंगे। हरियाणा, महाराष्ट्र, केरल, तेलांगाना, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और अन्य प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों ने भी कहा कि हम विकास को सबसे ऊपर रखेंगे। प्रधानमंत्री जी ने भी...

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