+91 8090904560 chiragblog@gmail.com

बकोध्यानम्

‘बकोध्यानम्’ चिराग़ जैन का व्यंग्य-संग्रह है, जो फिलहाल प्रकाशनाधीन है। इस पुस्तक में प्रवृत्तियों पर कटाक्ष करते हुए उन लेखों को सहेजा गया है जिनका मूल उद्देश्य अपने समाज को बेहतर बनाना है। इस पुस्तक में विविध विषयों पर लिखे गए व्यंग्य-लेखों का संग्रह है।

अनुक्रम

बदचलन लड़की बनाम मीडिया

किसी शहर में एक लड़की रहती थी। बहुत खुले विचारों की थी। उसको मुहल्ले का कोई भी लड़का फ़िल्म दिखाने, कॉफ़ी पिलाने, पार्क घुमाने, बाइक पर घुमाने, डिस्को ले जाने या डेट पर चलने का ऑफ़र देता, तो बिना किसी नखरे के मान जाती थी। धीरे-धीरे उसकी यह सहृदयता पूरे शहर में फ़ेमस हो गई। कभी-कभी बाहर के शहर के छोरे भी...

चरित्र-हत्या का परमानेन्ट फण्डा

मेरे इस लेख को वे लोग न पढ़ें जो स्वयँ को महिला आयोग का अघोषित अध्यक्ष समझते हुए किसी भी मुद्दे में महिला का नाम आते ही महिला को पीड़ित और बेचारी समझकर बुद्धि के कपाट बंद कर देते हैं। वे लोग भी इस पोस्ट से दूर रहें जो स्वयं को मन ही मन, भाजपा, आप, कांग्रेस या अन्य किसी दल का प्रवक्ता मान बैठे हैं और...

केजरीवाल भव

अन्ना एक बार फिर आंदोलन मूड में आ गये हैं। जो लोग पिछली बार उन्हें हल्के में ले रहे थे वे गंभीर दिखाई दे रहे हैं। जिन लोगों ने केजरीवाल के शपथ ग्रहण समारोह के बाहर खड़े होकर अपनी क़िस्मत को कोसा था, उनको अन्ना ने एक बार फिर अवसर प्रदान कर दिया। वे भी सब अपनी-अपनी कोसी हुई किस्मत को धो-धा कर चैक की...

विकास

बिहार में नये मुख्यमंत्री ने कहा है कि वे विकास को सबसे ऊपर रखेंगे। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने भी कहा था कि वे विकास को सबसे ऊपर रखेंगे। हरियाणा, महाराष्ट्र, केरल, तेलांगाना, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और अन्य प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों ने भी कहा कि हम विकास को सबसे ऊपर रखेंगे। प्रधानमंत्री जी ने भी...

चौरकर्म

फेसबुक के प्रयोक्ताओं को रोज़ कुछ अच्छा स्टेटस डालने का शौक तो चर्रा गया है, लेकिन इसके साथ अपनी सृजनात्मक क्षमता बढ़ाने की ललक नहीं जगी। ऐसे में दूसरों की प्रोफाइल से स्टेटस या स्टेटसांश कॉपी करके अपनी timeline पर पेस्ट करने की प्रवृत्ति बढ़ गयी है। इसमें कोई बुराई तो नहीं है, लेकिन कष्ट तब होता है...

भारत रत्न का सवाल

भारत रत्न का सवाल है साहब। विवाद लाज़मी है। इतिहास साक्षी है हमने आज तक आसानी से किसी को महान नहीं माना। आसान और महान का कोई तारतम्य नहीं है ना। रामको जंगल भेजा, पत्नी से वियोग कराया, उनका घर उजाड़ दिया तब पता चला कि वो महान हैं। नानक, कबीर, महावीर, गांधी सबके साथ यही किया हमने। रूल इज़ रूल। फिर चाहे...

अभी बुलेटिन जाना है

कोसी का बढ़ता पानी तीन दिन मीडिया में बहता रहा। कोसी भी उचक-उचक कर देखती रही कि ख़बर में क्या चल रहा है। एक ही ख़बर को बार-बार देख बेचारी बोर हो गयी। बिहार देखता रह गया और कोसी उतार पे आ गयी। किसी ने पूछा कि इतना सारा पानी (जो पूरे बिहार पर आफ़त बनकर टूटने वाला था) आख़िर अचानक कहाँ हवा हो गया। मैंने...

अश्लीलता – अश्लीलता

अश्लीलता समाज के लिए हानिकारक है और समाज अश्लीलता के लिए। पार्क में पेड़ के पीछे बैठी लड़की तभी अश्लील कही जा सकती है जब वो मेंरे साथ न बैठी हो। यदि उसको मेरे साथ बैठने में ऐतराज़ न हो तो मुझे नाक-भौं चढाने वालों को अनपढ़ और मैनर्सलैस कहने में क्या एतराज़ हो सकता है। पड़ोसी की बीवी को कपड़े सुखाते देखकर...

ऑडियन्स कैप्चर की शतरंज

बुश बैरॉन का एक टीवी हमारे पास भी था। घर का सबसे स्पेशल कोना सुशोभित होता था उससे। क़माल ये था कि संज्ञा के तौर पर टीवी ने पूरा कमरा हड़प लिया था। टीवीवाला कमरा नाम था उस चुम्बकीय कक्ष का। कुछ अपरिहार्य कर्मों के इतर, लगभग सबके सभी नित्य-अनित्य कर्म उस कमरे में सम्पन्न होते थे। एंटीने की तकनीकी...

गुरूपूर्णिमा

एक महान आदमी में सीखने की प्रवृत्ति इतनी अधिक थी कि उसने गधे को भी गुरू बना लिया। लेकिन आजकल लोग गुरु को गधा बनाने पर तुले रहते हैं। इसका कारण ये नहीं है कि नयी पीढ़ी उद्दंड है बल्कि सुभद्रा मैया जब पिताजी की डींगों का इम्प्रेशन अभिमन्यु पर झाड़ रही थी तो अभिमन्यु माँ के पेट पर पेट के बल लेटा था।...

error: Content is protected !!